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बांदा में 47 डिग्री तापमान, जानलेवा हुईं गर्म हवाएं
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लू के थपेड़ों से बच्ची को बचाती महिला।
- फोटो : BANDA
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बांदा। मई और जून वाला तापमान बुंदेलखंड में अप्रैल के पहले पखवारे में ही बुंदेलियों को तपा रहा है। साथ ही हीट स्ट्रोक (लू) ने भी दस्तक दे दी है। जिस्म झुलसा देने वाली तेज धूप और उसके साथ गर्म हवाओं के थपेड़े राह चलने वालों के लिए जान पर बन पाए हैं।
मौसम के जानकारों का कहना है कि फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आमतौर पर बुंदेलखंड की रात ठंडी होती रही हैं। लेकिन अबकी रात भी 24 डिग्री तापमान से तप रही है। अप्रैल का भी पहला पखवारा भी पूरा नहीं हुआ और अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
अप्रैल की शुरूआत से ही मौसम के तेवर बेहद तल्ख हो गए थे। बताया जा रहा था कि राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदला है। आमतौर पर अप्रैल में 40-42 डिग्री अधिकतम तापमान पहुंचता रहा है। लेकिन इस वर्ष इसके तेवर बदले हुए हैं।
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अप्रैल का भी पहला पखवारा भी पूरा नहीं हुआ और अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। आम जनजीवन से लेकर पशु-पक्षी और खेती तथा बागवानी पर भी इसका जबरदस्त असर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन चैत्र नवरात्र और रमजान में श्रद्धालुओं को व्रत और रोजा में कठिन परीक्षा देना पड़ रही है।
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मौसम के जानकारों का कहना है कि फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आमतौर पर बुंदेलखंड की रात ठंडी होती रही हैं। लेकिन अबकी रात भी 24 डिग्री तापमान से तप रही है। अप्रैल का भी पहला पखवारा भी पूरा नहीं हुआ और अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
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अप्रैल की शुरूआत से ही मौसम के तेवर बेहद तल्ख हो गए थे। बताया जा रहा था कि राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदला है। आमतौर पर अप्रैल में 40-42 डिग्री अधिकतम तापमान पहुंचता रहा है। लेकिन इस वर्ष इसके तेवर बदले हुए हैं।
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अप्रैल का भी पहला पखवारा भी पूरा नहीं हुआ और अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। आम जनजीवन से लेकर पशु-पक्षी और खेती तथा बागवानी पर भी इसका जबरदस्त असर पड़ रहा है। त्योहारी सीजन चैत्र नवरात्र और रमजान में श्रद्धालुओं को व्रत और रोजा में कठिन परीक्षा देना पड़ रही है।