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एक हफ्ते में अन्ना मवेशियों को बंधवाएं
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बांदा। डीएम हीरा लाल ने सोमवार को पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्ना मवेशियों की रोकथाम के लिए हर तहसील में लगातार तीन सप्ताह तक बैठकें की जाएं। इसमें जनप्रतिनिधियों को भी बुलाएं। हर हाल में एक हफ्ते में अन्ना मवेशियों को बंधवाकर फसलों को बचाना है।
सीओ राघवेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि जिस किसी के मवेशी सड़कों पर खुले टहलते मिलें उसके खिलाफ 107-116 की कार्रवाई कर जुर्माना लगाएं। जिले के सभी प्राइवेट व सरकारी गो आश्रय केंद्रों की सूची तीन दिन में पेश करें। गोवंश आश्रय स्थलों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाया जाए।
एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि अन्ना प्रथा, पेयजल समस्या, 46 फीसदी बच्चों में कुपोषण और जैविक कृषि पद्धति को लेकर अभियान चलाएं। इसके बाद डीएम ने कलक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों व कक्षों का निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था और दुरुस्त करने को कहा। इस मौके पर सीडीओ हीरालाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद, प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद आदि मौजूद रहे।
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कुल्लूखेड़ा अन्ना प्रथा मुक्त
बांदा। बदौसा थाना क्षेत्र के कुल्लू खेड़ा गांव में ग्रामीणों और किसानों को अन्ना पशुओं से निजात मिल गई है। इसका रास्ता उन्होंने खुद निकाला। सभी पशु पालकों ने अपने पशुओं को बांध लिया है। शेष पशुओं के लिए गोशाला बनाकर पूरी व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को नरैनी के गंगा पुरवा में एएसपी की उपस्थिति में अन्ना पशुओं को लेकर रणनीति बनाई गई। ब्यूरो
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सीओ राघवेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि जिस किसी के मवेशी सड़कों पर खुले टहलते मिलें उसके खिलाफ 107-116 की कार्रवाई कर जुर्माना लगाएं। जिले के सभी प्राइवेट व सरकारी गो आश्रय केंद्रों की सूची तीन दिन में पेश करें। गोवंश आश्रय स्थलों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाया जाए।
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एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिए कि अन्ना प्रथा, पेयजल समस्या, 46 फीसदी बच्चों में कुपोषण और जैविक कृषि पद्धति को लेकर अभियान चलाएं। इसके बाद डीएम ने कलक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों व कक्षों का निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था और दुरुस्त करने को कहा। इस मौके पर सीडीओ हीरालाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद, प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद आदि मौजूद रहे।
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कुल्लूखेड़ा अन्ना प्रथा मुक्त
बांदा। बदौसा थाना क्षेत्र के कुल्लू खेड़ा गांव में ग्रामीणों और किसानों को अन्ना पशुओं से निजात मिल गई है। इसका रास्ता उन्होंने खुद निकाला। सभी पशु पालकों ने अपने पशुओं को बांध लिया है। शेष पशुओं के लिए गोशाला बनाकर पूरी व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को नरैनी के गंगा पुरवा में एएसपी की उपस्थिति में अन्ना पशुओं को लेकर रणनीति बनाई गई। ब्यूरो