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बांदाः सपाइयों पर बरसे पुलिस के डंडे, 40 गिरफ्तार
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पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव पर डंडे बरसाती पुलिस।
- फोटो : BANDA
बांदा। सरकार विरोधी प्रदर्शन में सोमवार को सपाइयों की पुलिस और अफसरों से झड़प हो गई। पुलिस ने सपाइयों की जमकर पिटाई की। हंगामे से खिसियाए कुछ अफसर भी हाथ साफ करने से नहीं चूके। इसमें दो पूर्व जिलाध्यक्ष गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अन्य सपाइयों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने 40 सपाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उन पर कोविड-19 की गाइड लाइन का उल्लंघन सहित कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, जिले की हर तहसील मुख्यालय में सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन किए।
हाईकमान के आह्वान पर हरेक तहसील मुख्यालय में सपा का विरोध प्रदर्शन हुआ। मुद्दा कोरोना में अव्यवस्थाएं, किसान, नौजवान, मजदूरों आदि की बदहाली, ध्वस्त कानून व्यवस्था, घोटाले आदि थे।
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मंडल मुख्यालय पर सपा नेताओं के अलग-अलग जत्थों में दोपहर को कलक्ट्रेट के पास संकट मोचन मंदिर के नजदीक इकट्ठा हुए। झंडे, बैनर और नारों से इलाका गूंजता रहा।
हाईवे किनारे सभा शुरू हुई। सपा नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की जमकर फजीहत की। कलक्ट्रेट का पूरा इलाका सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील रहा। बैरीकेडिंग भी लगाई गई थी।
भाषण के बाद सपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित 25 सूत्री ज्ञापन डीएम को देना चाहा, लेकिन ज्ञापन सभास्थल पर उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सुधीर कुमार (आईएएस) ने लेना चाहा।
इसी बीच ज्ञापन को लेकर सपा नेताओं और प्रशासन व पुलिस अधिकारियों में नोकझोंक और धक्का मुक्की शुरू हो गई। सपाइयों के आक्रामक तेवर पर अफसर और पुलिस ने भी तेवर दिखाए।
कुछ ही देर में पुलिस ने सपाइयों पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव और शमीम बांदवी पर पुलिस कर्मियों ने जमकर डंडे बरसाए। इनके शरीर पर तमाम चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।
जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली, सपा अल्पसंख्यक सभा अध्यक्ष मुशीर अहमद फारुकी, अशोक भागवानी, मनोज वर्मा, अनूप यादव, अजय चौहान, पीयूष गुप्ता, अभिमन्यु सिंह, लव सिन्हा, प्रदीप निगम लाला, अब्दुल रज्जाक, अमर सिंह यादव, अनूप यादव, ओमनारायण त्रिपाठी विदित, सुरेंद्र कुमार मिश्रा पप्पू, प्रियांशु गुप्ता, राजेंद्र यादव, रुखसाना हाशमी, पूनम, संजय सिंह, अंसार, जगरूप सिंह, प्रदीप कुमार जड़िया, रामपाल प्रजापति, आकाश साहू, मुकेश गहलोत, मौला बख्श, आमिर खां, रमेश यादव, वृंदावन वैश्य, अशोक श्रीवास, आमिर खां मन्नी, वीरेंद्र साहू, अजय चौहान दद्दा, प्रदीप परिहार, आशीष श्रीवास्तव इत्यादि सहित अन्य सपाइयों पर भी पुलिस ने डंडे बरसाकर खदेड़ दिया। बाद में सपाइयों ने गिरफ्तारी दी। इन्हें पुलिस वाहनों से पुलिस लाइन ले गई।
प्रदर्शन के लिए नहीं ली अनुमति
बांदा। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सपाइयों ने प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली। सपा नेताओं से कहा गया कि कुछ गिनेचुने लोग कलक्ट्रेट आकर ज्ञापन दे दें।
कोरोना की गाइड लाइन के मद्देनजर एक ही स्थान पर भीड़ न लगाएं, लेकिन सपा नेताओं ने ऐसा नहीं किया। कोविड-19 गाइड लाइन का उल्लंघन किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सपा नेता पुलिस कर्मियों से उलझ और भिड़ गए थे।
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अन्य सपाइयों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने 40 सपाइयों को गिरफ्तार कर लिया। उन पर कोविड-19 की गाइड लाइन का उल्लंघन सहित कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, जिले की हर तहसील मुख्यालय में सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन किए।
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हाईकमान के आह्वान पर हरेक तहसील मुख्यालय में सपा का विरोध प्रदर्शन हुआ। मुद्दा कोरोना में अव्यवस्थाएं, किसान, नौजवान, मजदूरों आदि की बदहाली, ध्वस्त कानून व्यवस्था, घोटाले आदि थे।
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मंडल मुख्यालय पर सपा नेताओं के अलग-अलग जत्थों में दोपहर को कलक्ट्रेट के पास संकट मोचन मंदिर के नजदीक इकट्ठा हुए। झंडे, बैनर और नारों से इलाका गूंजता रहा।
हाईवे किनारे सभा शुरू हुई। सपा नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की जमकर फजीहत की। कलक्ट्रेट का पूरा इलाका सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील रहा। बैरीकेडिंग भी लगाई गई थी।
भाषण के बाद सपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित 25 सूत्री ज्ञापन डीएम को देना चाहा, लेकिन ज्ञापन सभास्थल पर उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सुधीर कुमार (आईएएस) ने लेना चाहा।
इसी बीच ज्ञापन को लेकर सपा नेताओं और प्रशासन व पुलिस अधिकारियों में नोकझोंक और धक्का मुक्की शुरू हो गई। सपाइयों के आक्रामक तेवर पर अफसर और पुलिस ने भी तेवर दिखाए।
कुछ ही देर में पुलिस ने सपाइयों पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव और शमीम बांदवी पर पुलिस कर्मियों ने जमकर डंडे बरसाए। इनके शरीर पर तमाम चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।
जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली, सपा अल्पसंख्यक सभा अध्यक्ष मुशीर अहमद फारुकी, अशोक भागवानी, मनोज वर्मा, अनूप यादव, अजय चौहान, पीयूष गुप्ता, अभिमन्यु सिंह, लव सिन्हा, प्रदीप निगम लाला, अब्दुल रज्जाक, अमर सिंह यादव, अनूप यादव, ओमनारायण त्रिपाठी विदित, सुरेंद्र कुमार मिश्रा पप्पू, प्रियांशु गुप्ता, राजेंद्र यादव, रुखसाना हाशमी, पूनम, संजय सिंह, अंसार, जगरूप सिंह, प्रदीप कुमार जड़िया, रामपाल प्रजापति, आकाश साहू, मुकेश गहलोत, मौला बख्श, आमिर खां, रमेश यादव, वृंदावन वैश्य, अशोक श्रीवास, आमिर खां मन्नी, वीरेंद्र साहू, अजय चौहान दद्दा, प्रदीप परिहार, आशीष श्रीवास्तव इत्यादि सहित अन्य सपाइयों पर भी पुलिस ने डंडे बरसाकर खदेड़ दिया। बाद में सपाइयों ने गिरफ्तारी दी। इन्हें पुलिस वाहनों से पुलिस लाइन ले गई।
प्रदर्शन के लिए नहीं ली अनुमति
बांदा। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सपाइयों ने प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली। सपा नेताओं से कहा गया कि कुछ गिनेचुने लोग कलक्ट्रेट आकर ज्ञापन दे दें।
कोरोना की गाइड लाइन के मद्देनजर एक ही स्थान पर भीड़ न लगाएं, लेकिन सपा नेताओं ने ऐसा नहीं किया। कोविड-19 गाइड लाइन का उल्लंघन किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सपा नेता पुलिस कर्मियों से उलझ और भिड़ गए थे।