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54 में 37 विभागों को नहीं मिला धेला
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Sat, 11 Apr 2015 12:07 AM IST
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जिला योजना से जिले में विकास के मंसूबों को तगड़ा झटका लगा है। योजना समिति द्वारा प्रस्तावित किए गए कार्यों और बजट पर प्रदेश सरकार ने जमकर कैंची चलाई है। प्रस्तावित 14 विभागों में 37 विभागाें का पत्ता साफ कर दिया है। उन्हें धेला नहीं मिला है। योजना समिति द्वारा कुल अनुमोदित 15,342 लाख मेें मात्र 2089 लाख रुपये रिलीज हुए हैं। यह मात्र 13 फीसदी है।
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वर्ष 2014-15 के लिए जिला योजना समिति ने पिछले दिनों बैठक में 54 विभागों के लिए 15,342 रुपये के कार्यों को मंजूरी (अनुमोदन) दिया था। लेकिन समिति के अनुमोदन पर विभागों ने बजट नहीं दिया।
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कृषि, सहकारिता, ग्राम विकास, सुखोन्मुख, बंजर भूमि विकास, वाटर शेड मैनेजमेंट, ग्रामीण रोजगार, भूमि सुधार, पंचायती राज, सामुदायिक विकास, बाढ़ नियंत्रण, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, हथकरघा उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, खेलकूद, एलोपैथिक चिकित्सा, परिवार कल्याण, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा, नगरीय पेयजल, ग्रामीण जलापूर्ति, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, पूल्ड आवास, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, सामान्य जाति, सेवा योजन, विकलांग कल्याण, पुष्टाहार आदि विभागों की योजनाओं को कोई बजट नहीं मिला।
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अलबत्ता पशुपालन विभाग और दुग्ध विकास विभागाें को क्रमश: 58.39 और 82.96 प्रतिशत धनराशि रिलीज की गई है। वन विभाग को 30.60 लाख रुपये दिए गए हैं। जिला योजना के सभी 54 विभागों ने रिलीज हुई राशि में औसतन 96 प्रतिशत पैसा खर्च होने का दावा किया है। अर्थ एवं संख्याधिकारी आरडी यादव ने बताया कि विभागों को कुल 2089.24 लाख रिलीज हुए थे। इसमें 2011.03 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।