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24 संविदा परिचालकों ने की सेवा बहाली की मांग
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:45 PM IST
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बांदा। परिवहन निगम को राजस्व क्षति पहुंचाने और लापरवाही के आरोप में सेवा से हटाए गए दो दर्जन से अधिक संविदा परिचालकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा है। इसमें सेवा बहाली की मांग की है। साथ ही अधिकारियों पर वसूली के आरोप लगाए।
परिचालकों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले दो साल में परिवहन निगम के अधिकारियों ने चित्रकूटधाम मंडल के बांदा, राठ, महोबा और हमीरपुर डिपो के दो दर्जन से अधिक संविदा परिचालकों की सेवा समाप्त कर दी थी। इन पर राजस्व क्षति पहुंचाने और लापरवाही के आरोप लगाए थे, जबकि संविदा परिचालकों ने किसी भी प्रकार की राजस्व क्षति नहीं पहुंचाई गई।
आरोप लगाया कि अवैध रूप से पैसा न देने पर अधिकारियों ने एक-एक कर संविदाएं समाप्त कर दीं। कई बार अधिकारियों से जांच कराने और संविदा बहाल करने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह भी कहा कि जो परिचालक 7 से 25 यात्रियों को बिना टिकट ले जाते पकड़े गए थे उनकी सेवा बहाल कर दी गई।
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ज्ञापन देने वालों में राजकुमार चौरसिया, राजेश पांडेय, केके गुप्ता, शिवम, आशाराम वर्मा, प्रवीण, मो. एहतराम, रामजी तिवारी, राजकुमार साहू, आदर्श कुमार, मूलचंद्र, अरुण कुमार, संजय कुमार, नरेंद्र कुमार, मूलचंद्र, पवन, रणविजय, प्रमोद कुमार सोनी, बृजमोहन, मनोज राजपूत, प्रहलाद, मनीशंकर, मानवेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, उदित पाठक आदि शामिल हैं। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार अग्रवाल का कहना है कि मामला दो साल पुराना है। इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी।
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परिचालकों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले दो साल में परिवहन निगम के अधिकारियों ने चित्रकूटधाम मंडल के बांदा, राठ, महोबा और हमीरपुर डिपो के दो दर्जन से अधिक संविदा परिचालकों की सेवा समाप्त कर दी थी। इन पर राजस्व क्षति पहुंचाने और लापरवाही के आरोप लगाए थे, जबकि संविदा परिचालकों ने किसी भी प्रकार की राजस्व क्षति नहीं पहुंचाई गई।
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आरोप लगाया कि अवैध रूप से पैसा न देने पर अधिकारियों ने एक-एक कर संविदाएं समाप्त कर दीं। कई बार अधिकारियों से जांच कराने और संविदा बहाल करने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह भी कहा कि जो परिचालक 7 से 25 यात्रियों को बिना टिकट ले जाते पकड़े गए थे उनकी सेवा बहाल कर दी गई।
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ज्ञापन देने वालों में राजकुमार चौरसिया, राजेश पांडेय, केके गुप्ता, शिवम, आशाराम वर्मा, प्रवीण, मो. एहतराम, रामजी तिवारी, राजकुमार साहू, आदर्श कुमार, मूलचंद्र, अरुण कुमार, संजय कुमार, नरेंद्र कुमार, मूलचंद्र, पवन, रणविजय, प्रमोद कुमार सोनी, बृजमोहन, मनोज राजपूत, प्रहलाद, मनीशंकर, मानवेंद्र सिंह, दिलीप कुमार, उदित पाठक आदि शामिल हैं। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार अग्रवाल का कहना है कि मामला दो साल पुराना है। इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी।