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302 परीक्षकों ने पहले ही दिन मूल्यांकन से किया किनारा
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जीआईसी में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते परीक्षक।
- फोटो : BANDA
बांदा। बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पहले ही दिन 302 डिप्टी हेड और परीक्षक नदारद रहे। 548 परीक्षकों ने 2298 कापियां जांचीं। उधर, परीक्षकों में कोरोना वायरस का भी खौफ रहा। कई परीक्षकों ने मॉस्क पहनकर मूल्यांकन किया। 25 मार्च तक चलने वाले मूल्यांकन में कुल 1,51,880 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा।
मुख्यालय के तीन कालेजों में सोमवार से मूल्यांकन शुरू हुआ। यह 25 मार्च तक चलेगा। हाईस्कूल की 85423 और इंटर की 66457 कापियों का मूल्यांकन होना है। हाईस्कूल में प्रत्येक परीक्षक रोजाना अधिकतम 50 कापी जांचेगा। इंटर में परीक्षक को अधिकतम 45 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने की अनुमति दी गई है। मूल्यांकन में माध्यमिक और सहायता प्राप्त कालेजों के अध्यापकों को लगाया गया है।
पहले दिन इनमें 302 परीक्षक अनुपस्थित रहे। 548 परीक्षकों ने 2298 कापियां जांचीं। हाईस्कूल के मूल्यांकन केंद्र आदर्श बजरंग इंटर कालेज में उप प्रधानाचार्य मंगल प्रसाद ने बताया कि पहले दिन 1513 कापियां जांची गईं। यहां 206 परीक्षक लगाए गए हैं। इनमें 89 परीक्षक व 4 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे।
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हाईस्कूल के दूसरे मूल्यांकन केंद्र डीएवी कालेज के प्रभारी प्रधानाचार्य आनंद ने बताया कि हाईस्कूल की 517 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 80 परीक्षक और दो डिप्टी हेड गैरहाजिर रहे। इंटर के इकलौते मूल्यांकन केंद्र जीआईसी के परीक्षा प्रभारी दयाराम वर्मा ने बताया कि पहले दिन 268 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 114 परीक्षक और 13 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे।
बोर्ड मानकों के अनुरूप मूल्यांकन और अंक दें
मूल्यांकन के पहले दिन सोमवार को आदर्श बजरंग इंटर कालेज में जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने उपप्रधान परीक्षकों और सहायक परीक्षकों की बैठक में कहा कि मूल्यांकन केंद्रों की लाइव निगरानी हो रही है। सीसीटीवी कैमरा और वायस रिकार्डर हर समय चालू रखा जाए।
कोरोना को देखते हुए केंद्र को प्रतिदिन सेनेटाइज किया जाए। कहा कि बोर्ड बिना किसी लालच या भय के मानकों के अनुरूप मूल्यांकन करें। अंक स्पष्ट लिखें। कापी के ऊपर शब्दों में और अंकों में प्राप्तांक लिखे। गलत उत्तर को काटकर शून्य लिख दें।
कोई भी प्रश्न या उसका हिस्सा न छोड़ें। मानकों के अनुरूप ही अंक दें। उप नियंत्रक/प्रधानाचार्य मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने कहा कि सुचितापूर्ण नियमानुसार मूल्यांकन करें। व्यवस्था दुरुस्त रखी जाएगी। बैठक में उप प्रधानाचार्य मंगल प्रसाद, पत्राचार प्रभारी प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, सत्येंद्र कुमार, रणविजय और डीएवी के आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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मुख्यालय के तीन कालेजों में सोमवार से मूल्यांकन शुरू हुआ। यह 25 मार्च तक चलेगा। हाईस्कूल की 85423 और इंटर की 66457 कापियों का मूल्यांकन होना है। हाईस्कूल में प्रत्येक परीक्षक रोजाना अधिकतम 50 कापी जांचेगा। इंटर में परीक्षक को अधिकतम 45 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने की अनुमति दी गई है। मूल्यांकन में माध्यमिक और सहायता प्राप्त कालेजों के अध्यापकों को लगाया गया है।
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पहले दिन इनमें 302 परीक्षक अनुपस्थित रहे। 548 परीक्षकों ने 2298 कापियां जांचीं। हाईस्कूल के मूल्यांकन केंद्र आदर्श बजरंग इंटर कालेज में उप प्रधानाचार्य मंगल प्रसाद ने बताया कि पहले दिन 1513 कापियां जांची गईं। यहां 206 परीक्षक लगाए गए हैं। इनमें 89 परीक्षक व 4 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे।
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हाईस्कूल के दूसरे मूल्यांकन केंद्र डीएवी कालेज के प्रभारी प्रधानाचार्य आनंद ने बताया कि हाईस्कूल की 517 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 80 परीक्षक और दो डिप्टी हेड गैरहाजिर रहे। इंटर के इकलौते मूल्यांकन केंद्र जीआईसी के परीक्षा प्रभारी दयाराम वर्मा ने बताया कि पहले दिन 268 कापियों का मूल्यांकन हुआ। 114 परीक्षक और 13 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे।
बोर्ड मानकों के अनुरूप मूल्यांकन और अंक दें
मूल्यांकन के पहले दिन सोमवार को आदर्श बजरंग इंटर कालेज में जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने उपप्रधान परीक्षकों और सहायक परीक्षकों की बैठक में कहा कि मूल्यांकन केंद्रों की लाइव निगरानी हो रही है। सीसीटीवी कैमरा और वायस रिकार्डर हर समय चालू रखा जाए।
कोरोना को देखते हुए केंद्र को प्रतिदिन सेनेटाइज किया जाए। कहा कि बोर्ड बिना किसी लालच या भय के मानकों के अनुरूप मूल्यांकन करें। अंक स्पष्ट लिखें। कापी के ऊपर शब्दों में और अंकों में प्राप्तांक लिखे। गलत उत्तर को काटकर शून्य लिख दें।
कोई भी प्रश्न या उसका हिस्सा न छोड़ें। मानकों के अनुरूप ही अंक दें। उप नियंत्रक/प्रधानाचार्य मेजर मिथलेश कुमार पांडेय ने कहा कि सुचितापूर्ण नियमानुसार मूल्यांकन करें। व्यवस्था दुरुस्त रखी जाएगी। बैठक में उप प्रधानाचार्य मंगल प्रसाद, पत्राचार प्रभारी प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, सत्येंद्र कुमार, रणविजय और डीएवी के आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।