फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   2675 hand pumps damaged in Chitrakootdham mandal, villages will crave water in summer

चित्रकूटधाम मंडल में 2675 हैंडपंप खराब, गर्मी में पानी को तरसेंगे गांव

Tue, 01 Mar 2022 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 11:14 PM IST
विज्ञापन
2675 hand pumps damaged in Chitrakootdham mandal, villages will crave water in summer
तिंदवारी के विकास नगर में खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद - फोटो : BANDA
बांदा। ठंड तो जैसे-तैसे कट गई पर गर्मी में कई गांव पेयजल का संकट झेलेंगे। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 2675 हैंडपंप बंद हैं। इनमें 1961 हैंडपंप फेल हो चुके हैं। इनका रीबोर होना है। इनमें 1511 हैंडपंपों को रीबोर कराया जा सका है, 450 शेष हैं। इनके अलावा 2225 हैंडपंप अन्य खराबियों से बंद पड़े हैं।
विज्ञापन

हैंडपंपों की देखरेख की जिम्मेदार ग्राम पंचायतें चुप्पी साधे हैं। अगले माह से गर्मी बढ़ने के साथ ही इन गांवों में पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। शासन ने चालू वित्तीय वर्ष में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों की ग्राम पंचायतों में स्थाई रूप से खराब पड़े 1961 हैंडपंपों को रिबोर और 16,793 हैंडपंपों की मरम्मत का लक्ष्य दिया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने को सिर्फ एक माह शेष हैं।
विज्ञापन

अब तक 11 माह में लक्ष्य के सापेक्ष 1511 हैंडपंप ही रिबोर किए गए हैं। 14,568 हैंडपंपों की मरम्मत की गई। उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा दिनेश सिंह ने कहा कि हैंडपंपों के रिबोर व मरम्मत का काम ग्राम पंचायतों के पास है। ग्राम पंचायतें यह कार्य करा रही हैं। लक्ष्य पूरा होने के करीब है। जल्द ही हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर का अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडल में हैंडपंपों के रीबोर व मरम्मत आदि का ब्योरा
जनपद लक्ष्य रीबोर लक्ष्य मरम्मत
बांदा 1342 1101 7374 7004
चित्रकूट 130 110 3435 2951
हमीरपुर 359 220 972 852
महोबा 130 80 5012 3761
-----------------------------------------------
योग- 1961 1511 16,793 14,568
---------------------------------------------
गांवों में प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी की जरूरत
जल निगम का मानक ग्रामीणों क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर की जलापूर्ति है। यह मानक उन गांवों के लिए है जहां पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति की जाती है। ऐसे गांवों में भी बमुश्किल 20 लीटर प्रति व्यक्ति ही पानी मिल पा रहा है। पाइप लाइन विहीन गांवों के लोग हैंडपंप, कुआं, तालाब आदि पर ही निर्भर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed