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Banda News: जिला अस्पताल में नहीं स्वाइन फ्लू की जांच सुविधा, वार्ड आरक्षित
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फोटो-20- जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में गैलरी में लेटे भर्ती बुखार के मरीज। संवाद
फोटो-20- जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में गैलरी में लेटे भर्ती बुखार के मरीज। संवाद
-रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज को मिलीं 50 किट, एक भी नहीं आया मरीज
-मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित
-जिला अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे 1500 से 1800 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के लिए जिला अस्पताल में अब तक जांच की कोई सुविधा नहीं है। मशीन न होने से जिला अस्पताल में आने वाले एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की 50 किट उपलब्ध कराईं गईं हैं। यहां 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जिले या आसपास के जिलों से अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का रोगी नहीं आया है।
जिला अस्पताल में वर्तमान में जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज आ रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी 1500 से लेकर 1800 तक मरीजों की पहुंच रही है। डॉक्टर कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने आठ बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया हुआ है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब तक उनके अस्पताल में एक भी संदिग्ध मरीज नहीं आया है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की कोई सुविधा नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि उनके पास जांच मशीन नहीं है। इसलिए एक भी स्वाइन फ्लू की जांच नहीं की जा सकी है।
उधर, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू जांच के लिए 50 किट मिली हैं। यहां जांच की सुविधा मौजूद है। इसके अलावा 100 टैबलेट भी मुहैया कराईं गईं हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि उनके यहां अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। अगर मरीज आता है तो उसकी जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था है। अब तक मेडिकल कॉलेज में बुखार, जुकाम और खांसी के ही मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। डॉक्टर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए लिखते हैं, लेकिन अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है।
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जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा नहीं है। वार्ड जरूर आरक्षित किया गया है। मशीन न होने की वजह से जांच किट भी नहीं मिली हैं। उनके यहां अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज भर्ती नहीं हुआ है। -डाॅ. किशुन कुमार सीएमएस, जिला अस्पताल, बांदा।
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रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। शासन की ओर से 50 किट स्वाइन फ्लू की जांच की मिली हैं। इसके अलावा 10 टैबलेट भी मिली है। अब तक यहां एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है। - डॉ. सुनील कौशल, प्रधानाचार्य, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा।
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-रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज को मिलीं 50 किट, एक भी नहीं आया मरीज
-मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित
-जिला अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे 1500 से 1800 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी के लिए जिला अस्पताल में अब तक जांच की कोई सुविधा नहीं है। मशीन न होने से जिला अस्पताल में आने वाले एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की 50 किट उपलब्ध कराईं गईं हैं। यहां 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जिले या आसपास के जिलों से अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का रोगी नहीं आया है।
जिला अस्पताल में वर्तमान में जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज आ रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी 1500 से लेकर 1800 तक मरीजों की पहुंच रही है। डॉक्टर कक्षों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। यहां स्वाइन फ्लू से बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने आठ बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया हुआ है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अब तक उनके अस्पताल में एक भी संदिग्ध मरीज नहीं आया है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की कोई सुविधा नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि उनके पास जांच मशीन नहीं है। इसलिए एक भी स्वाइन फ्लू की जांच नहीं की जा सकी है।
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उधर, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू जांच के लिए 50 किट मिली हैं। यहां जांच की सुविधा मौजूद है। इसके अलावा 100 टैबलेट भी मुहैया कराईं गईं हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि उनके यहां अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। अगर मरीज आता है तो उसकी जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था है। अब तक मेडिकल कॉलेज में बुखार, जुकाम और खांसी के ही मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। डॉक्टर स्वाइन फ्लू की जांच के लिए लिखते हैं, लेकिन अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है।
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जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा नहीं है। वार्ड जरूर आरक्षित किया गया है। मशीन न होने की वजह से जांच किट भी नहीं मिली हैं। उनके यहां अब तक एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज भर्ती नहीं हुआ है। -डाॅ. किशुन कुमार सीएमएस, जिला अस्पताल, बांदा।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। शासन की ओर से 50 किट स्वाइन फ्लू की जांच की मिली हैं। इसके अलावा 10 टैबलेट भी मिली है। अब तक यहां एक भी स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं मिला है। - डॉ. सुनील कौशल, प्रधानाचार्य, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा।