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253 पक्के खलिहान बुंदेलखंड में बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:08 AM IST
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बुंदेलखंड और यहां के किसानों पर खासतौर से नजरें इनायत किए केंद्र और प्रदेश सरकार ने फिर एक और तोहफे से यहां के किसानों को नवाजा है। अब बुंदेलखंड के किसानों को सामुदायिक पक्के खलिहान (कम्युनिटी थ्रेसिंग फ्लोर) बनाकर केंद्र और प्रदेश सरकार देगी। सामुदायिक पक्के खलिहान बनाने की योजना को धरातल में उतारने की कवायद भी तेजी से शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत झांसी और चित्रकूटधाम मंडल के सातों जिलों में 253 खलिहान बनाने की योजना है। इन पर लगभग सवा चार करोड़ रुपये खर्च होगा।
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ढाई हजार से अधिक किसानों को इन खलिहानों का लाभ मिलेगा। योजना में केंद्र का 60 फीसदी और राज्य सरकार का 40 फीसदी पैसा लगेगा। कृषि विकास के लिए संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत नए खलिहानों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें तीन प्रकार के पक्के खलिहान बनेंगे। इसमें दलहन, गेहूं और मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, कोदों) की मड़ाई होगी। पूरे बुंदेलखंड के सातों जिलों को इसमें शामिल किया गया है। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा जिले में दलहन के 121 और मोटे अनाज के चार, हमीरपुर में दलहन के 26 और मोटे अनाज के तीन, चित्रकूट में दलहन के 14 और मोटे अनाज के तीन तथा महोबा में दलहन के 23 सामुदायिक खलिहान बनाए जाएंगे।
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महोबा में मोटे अनाज का खलिहान फिलहाल नहीं बनेगा। झांसी मंडल के जालौन में दलहन के 25 और मोटे अनाज के तीन खलिहान बनाए जाएंगे। ललितपुर में दलहन के 43, झांसी में दलहन के 39 सामुदायिक खलिहान बनाने की योजना है। झांसी और ललितपुर में मोटे अनाज के खलिहान बनाने की योजना नहीं है। योजना के तहत गेहूं की मड़ाई के लिए सातों जिलों में थ्रेसिंग फ्लोर बनेंगे। इसके तहत हर जिले में सात फ्लोर बनाने का लक्ष्य है। एक खलिहान में 10 किसानों की भागीदारी रहेगी। इसके लिए उन्हें समूह बनाकर पंजीकरण कराना होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण शुरू होगा।
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दोनों मंडलों में दो-दो करोड़ से अधिक होंगे खर्च।
कम्युनिटी थ्रेसिंग फ्लोर निर्माण में सवा चार करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होगी। एक खलिहान की लागत एक लाख 70 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह राशि एनएफएसएम के तहत केंद्र और राज्य सरकारें देंगी। चित्रकूटधाम मंडल में 122 थ्रेसिंग फ्लोर का लक्ष्य है। इसमें दो करोड़ सात लाख 40 हजार रुपये खर्च होंगे। झांसी मंडल में 131 थ्रेसिंग फ्लोर बनाए जाना है। इन पर दो करोड़ 22 लाख 70 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे।
फसल मड़ाई को बनेगा पक्का चबूतरा
सामुदायिक पक्के खलिहान के लिए पक्का चबूतरा बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई 10 मीटर और लंबाई 20 मीटर होगी। चबूतरे पर फसल की मड़ाई की जाएगी। समूह में शामिल किसान इसका सामुदायिक रूप से इस्तेमाल करेंगे। उधर, किसानों का कहना है कि चबूतरों पर टिनशेड का निर्माण भी होना चाहिए, ताकि मौसम का असर न पड़े। ब्यूरो