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Banda News: 228 मिमी बारिश, पपरेंदा मार्ग बंद, नाले उफनाए
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फोटो-5-उफनाए गजनी नाले में घुसकर निकलते ग्रामीण।
बांदा। जिले में दो दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार सुबह 8:30 बजे तक जिले में 228 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पपरेंदा-तिंदवारी मार्ग पर सड़क के ऊपर पानी आने से रास्ता बंद हो गया। सड़कें और खेत जलमग्न रहे, नाले उफना गए। वहीं, कहीं 24 घंटे से आपूर्ति ठप है तो कहीं बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है।
शनिवार को भी दिनभर बारिश होती रही। तेज हवा के साथ हो रही बारिश से शहर से गांव और खेतों तक जलभराव हो गया है। नाले उफनाने से आवागमन प्रभावित है।
पैलानी क्षेत्र में पपरेंदा से तिंदवारी जाने वाले मार्ग पर बारिश का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया। परसौंडा गांव के आसपास सड़क के दोनों ओर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दर्जनों मकान बारिश के कारण गिर गए। कई घरों में कमर तक पानी भर गया है।
ग्रामीण शिवाकांत मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, कैलाश मिश्रा और रामप्रकाश गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश से गांव के हालात बिगड़ रहे हैं। तिंदवारी क्षेत्र में पिपराव और गजनी नाला उफनाने से लोग जान जोखिम में डालकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। बारिश नहीं थमी तो परेशानी और बढ़ सकती है। वहीं 27 सितंबर को भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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150 से अधिक गांवों में बिजली संकट
लगातार बारिश के बीच विद्युत उपकेंद्र खुरहंड, ओरन और बिसंडा की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। क्षेत्र के करीब 150 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है। खुरहंड क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी नगनेधी फीडर से जुड़े गांवों में है।
नंदना, नगनेधी और सेमरिया मिर्दहा समेत करीब एक दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीण नवल कुमार और रवि सिंह ने विद्युत विभाग से जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। वहीं ओरन और बिसंडा पावर हाउस से जुड़े सैकड़ों गांवों में शुक्रवार दोपहर से बिजली आपूर्ति बाधित है।
शनिवार तक आपूर्ति बहाल न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। ओरन कस्बे में पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली न होने से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। मच्छरों के प्रकोप और उमस से भी लोग बेहाल हैं।
ओरन कस्बे के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश कुमार द्विवेदी, अध्यक्ष प्रतिनिधि राज नारायण द्विवेदी और समाजसेवी रमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि ओरन पावर हाउस से बांदा तक करीब 50 किलोमीटर लंबी लाइन होने के कारण आए दिन फॉल्ट होते हैं। उन्होंने ओरन पावर हाउस की विद्युत आपूर्ति को कोर्रम लाइन से जोड़ने की मांग की। उनका कहना है कि इससे बिजली संकट कम हो सकता है।
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अतर्रा-बबेरू में गलियों व सरकारी भवनों में पानी
लगातार बारिश से अतर्रा और बबेरू कस्बे में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। कई गली-मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं सरकारी कार्यालयों में भी जलभराव हो गया है। नाले उफनाने से पानी बस्तियों और रास्तों तक पहुंच रहा है। नरैनी कस्बे में सुभाष नगर के करतल मार्ग पर दुकानों के सामने पानी भर गया। हरिजन छात्रावास, अस्पताल और बिजली पावर हाउस के आसपास भी जलभराव रहा। बारिश के चलते लोगों को जरूरी काम से निकलने में दिक्कत हुई।
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खेतों में बिछी तिल और धान की फसल
तेज हवा के साथ हुई बारिश से तिंदवारी क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया है। कई जगह तिल और धान की फसल खेतों में बिछ गई है। निचले खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार अरहर, ज्वार, मूंग, उड़द और तिल की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। पिपराव नाला का जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। किसान ईश नारायण पटेल ने बताया कि खेत जलमग्न होने से फसलें बर्बाद होने की आशंका है।
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पपरेंदा-तिंदवारी मार्ग पर सड़क के ऊपर पानी आने से रास्ता बंद हो गया। सड़कें और खेत जलमग्न रहे, नाले उफना गए। वहीं, कहीं 24 घंटे से आपूर्ति ठप है तो कहीं बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है।
शनिवार को भी दिनभर बारिश होती रही। तेज हवा के साथ हो रही बारिश से शहर से गांव और खेतों तक जलभराव हो गया है। नाले उफनाने से आवागमन प्रभावित है।
पैलानी क्षेत्र में पपरेंदा से तिंदवारी जाने वाले मार्ग पर बारिश का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया। परसौंडा गांव के आसपास सड़क के दोनों ओर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दर्जनों मकान बारिश के कारण गिर गए। कई घरों में कमर तक पानी भर गया है।
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ग्रामीण शिवाकांत मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, कैलाश मिश्रा और रामप्रकाश गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश से गांव के हालात बिगड़ रहे हैं। तिंदवारी क्षेत्र में पिपराव और गजनी नाला उफनाने से लोग जान जोखिम में डालकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। बारिश नहीं थमी तो परेशानी और बढ़ सकती है। वहीं 27 सितंबर को भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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150 से अधिक गांवों में बिजली संकट
लगातार बारिश के बीच विद्युत उपकेंद्र खुरहंड, ओरन और बिसंडा की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। क्षेत्र के करीब 150 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है। खुरहंड क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी नगनेधी फीडर से जुड़े गांवों में है।
नंदना, नगनेधी और सेमरिया मिर्दहा समेत करीब एक दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीण नवल कुमार और रवि सिंह ने विद्युत विभाग से जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। वहीं ओरन और बिसंडा पावर हाउस से जुड़े सैकड़ों गांवों में शुक्रवार दोपहर से बिजली आपूर्ति बाधित है।
शनिवार तक आपूर्ति बहाल न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। ओरन कस्बे में पेयजल संकट गहरा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली न होने से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। मच्छरों के प्रकोप और उमस से भी लोग बेहाल हैं।
ओरन कस्बे के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश कुमार द्विवेदी, अध्यक्ष प्रतिनिधि राज नारायण द्विवेदी और समाजसेवी रमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि ओरन पावर हाउस से बांदा तक करीब 50 किलोमीटर लंबी लाइन होने के कारण आए दिन फॉल्ट होते हैं। उन्होंने ओरन पावर हाउस की विद्युत आपूर्ति को कोर्रम लाइन से जोड़ने की मांग की। उनका कहना है कि इससे बिजली संकट कम हो सकता है।
अतर्रा-बबेरू में गलियों व सरकारी भवनों में पानी
लगातार बारिश से अतर्रा और बबेरू कस्बे में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। कई गली-मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं सरकारी कार्यालयों में भी जलभराव हो गया है। नाले उफनाने से पानी बस्तियों और रास्तों तक पहुंच रहा है। नरैनी कस्बे में सुभाष नगर के करतल मार्ग पर दुकानों के सामने पानी भर गया। हरिजन छात्रावास, अस्पताल और बिजली पावर हाउस के आसपास भी जलभराव रहा। बारिश के चलते लोगों को जरूरी काम से निकलने में दिक्कत हुई।
खेतों में बिछी तिल और धान की फसल
तेज हवा के साथ हुई बारिश से तिंदवारी क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया है। कई जगह तिल और धान की फसल खेतों में बिछ गई है। निचले खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार अरहर, ज्वार, मूंग, उड़द और तिल की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। पिपराव नाला का जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। किसान ईश नारायण पटेल ने बताया कि खेत जलमग्न होने से फसलें बर्बाद होने की आशंका है।

फोटो-5-उफनाए गजनी नाले में घुसकर निकलते ग्रामीण।

फोटो-5-उफनाए गजनी नाले में घुसकर निकलते ग्रामीण।

फोटो-5-उफनाए गजनी नाले में घुसकर निकलते ग्रामीण।

फोटो-5-उफनाए गजनी नाले में घुसकर निकलते ग्रामीण।