फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   संसद में पहले दिन गूंजा बुंदेखलड का सूखा

संसद में पहले दिन गूंजा बुंदेखलड का सूखा

Wed, 18 Jul 2018 11:08 PM IST
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
संसद में पहले दिन गूंजा बुंदेखलड का सूखा
बांदा। बुंदेलखंड के कुछ जिलों समेत प्रदेश के 30 जिलों के सूखे की चपेट में आने पर कृषि विभाग के जारी अलर्ट का मुद्दा बुधवार को संसद में मानसून सत्र के पहले ही दिन गूंजा। अन्य दैवी आपदाओं और खासकर तूफान आदि को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों पर भाजपा सांसद ने ही सवाल किए।
विज्ञापन


प्रदेश के 30 जिलों में 40 फीसदी से कम बारिश होने पर कृषि विभाग ने सूखाग्रस्त बताया है। इनमें बुंदेलखंड के महोबा और चित्रकूट जिले भी शामिल हैं। कृषि विभाग ने कहा है कि इन जिलों में खरीफ की बुवाई और रोपाई काफी पिछड़ गई है। ‘अमर उजाला’ में यह खबर बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित हुई। उधर, बुधवार को ही शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा गूंज उठा।
विज्ञापन


बांदा-चित्रकूट के भाजपा सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने शून्य काल के दौरान लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि संसद में मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि तूफान संबंधी पूर्व जानकारियां हासिल करने के लिए वैज्ञानिकों की काफी कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 30 जिलों समेत उनके निर्वाचन क्षेत्र चित्रकूट और महोबा जिले भी सूखे की चपेट में आने वाले जिलों में शामिल हैं। बुंदेलखंड में तूफान जैसी दैवी आपदाएं भी आती रहती हैं।

सांसद ने संबंधित मंत्री से सवाल किया कि इन सूखाग्रस्त जिलों और खासकर बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में तूफान के शोध और सूखे जैसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने क्या किया है? सांसद ने बताया कि केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोकसभा में सांसद को आश्वासन दिया कि इस बारे में केंद्र सरकार प्रयास और कार्रवाई कर रही है।


दैवी आपदा पीड़ितों को 63.90 लाख की मदद
बांदा। वित्तीय वर्ष 2018-19 में बांदा जिले में आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली, लू प्रकोप आदि दैवी आपदाओं के पीड़ितों को आर्थिक मदद के लिए प्रदेश सरकार ने 70 लाख रुपये का बजट दिया था। इसमें 63 लाख 90 हजार रुपये पीड़ितों को वितरित किए गए। इसी तरह अग्निकांड पीड़ितों के लिए 50 लाख रुपये का बजट दिया गया था। अग्निकांड में इस वर्ष मात्र एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed