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बांदाः 20 घंटे 20 हजार उपभोक्ता बिना बिजली बिलबिलाए
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बांदा। जंगल उजाड़कर प्लाटिंग से कमाई में जुटे कमाऊपूतों की करतूत ने मंडल मुख्यालय के करीब 20 हजार बाशिंदों को 20 घंटे बिजली से महरूम कर दिया। पूरी रात गर्मी और उमस में उपभोक्ताओं ने जागकर बिताई।
एक दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में बिजली और पानी का जबरदस्त संकट रहा। पावर कारपोरेशन अधिकारी भूमाफिया के आगे नतमस्तक नजर आए। उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई की खबर नहीं है।
जल संस्थान के शहर को जलापूर्ति करने वाले इंटेकवेल सहित एक दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में भूरागढ़ फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। रविवार को दिन में करीब तीन बजे शहर के खुटला-रहुनिया के पास पेड़ काटकर प्लाटिंग कर रहे भूमि के कारोबारियों ने जेसीबी से हरे-भरे भारी भरकम पेड़ उखाडने शुरू कर दिए।
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इसी बीच एक विशाल पेड़ भूरागढ़ फीडर की 11 हजार एचटी लाइन पर आ गिरा। तीन खंभों सहित एचटी लाइन धराशाई हो गई। यहां रखा ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया। फीडर से जुड़े सभी मोहल्लों और जल संस्थान इंटेकवेल की बिजली गुल हो गई। बिजली कर्मी फाल्ट दुरुस्त करने पहुंचे तो प्लाटिंग करने वाले लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया।
बाद में अवर अभियंता की सूचना पर पहुंची पुलिस के दखल से लाइनें दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ। आधी रात तक काम करने के बाद भी सभी फाल्ट दुरुस्त नहीं हुए। सोमवार को दोपहर करीब पौने दो बजे सभी फाल्ट दुरुस्त होने के बाद इन इलाकों की आपूर्ति बहाल हुई। सुबह पानी की आपूर्ति भी नहीं हुई। भीषण उमस और गर्मी में उपभोक्ताओं ने रात जागकर बिताई।
अवर अभियंता कांता प्रसाद के मुताबिक, दो नए खंभे लगाए गए हैं और तीन खंभों की लाइन खींची गई है। कई पेड़ काटे गए हैं। फीडर बंद होने के बाद भी अवर अभियंता को छोड़कर पावर कारपोरेशन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अलबत्ता रविवार को अधिशासी अभियंता वीके मिश्रा, एसडीओ शत्रुघन सिंह मौके पर आए। उधर, रविवार को शाम एसडीओ का कहना था कि उन्हें सिर्फ इतनी सूचना दी गई थी कि पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है।
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एक दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में बिजली और पानी का जबरदस्त संकट रहा। पावर कारपोरेशन अधिकारी भूमाफिया के आगे नतमस्तक नजर आए। उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई की खबर नहीं है।
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जल संस्थान के शहर को जलापूर्ति करने वाले इंटेकवेल सहित एक दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में भूरागढ़ फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। रविवार को दिन में करीब तीन बजे शहर के खुटला-रहुनिया के पास पेड़ काटकर प्लाटिंग कर रहे भूमि के कारोबारियों ने जेसीबी से हरे-भरे भारी भरकम पेड़ उखाडने शुरू कर दिए।
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इसी बीच एक विशाल पेड़ भूरागढ़ फीडर की 11 हजार एचटी लाइन पर आ गिरा। तीन खंभों सहित एचटी लाइन धराशाई हो गई। यहां रखा ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया। फीडर से जुड़े सभी मोहल्लों और जल संस्थान इंटेकवेल की बिजली गुल हो गई। बिजली कर्मी फाल्ट दुरुस्त करने पहुंचे तो प्लाटिंग करने वाले लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया।
बाद में अवर अभियंता की सूचना पर पहुंची पुलिस के दखल से लाइनें दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ। आधी रात तक काम करने के बाद भी सभी फाल्ट दुरुस्त नहीं हुए। सोमवार को दोपहर करीब पौने दो बजे सभी फाल्ट दुरुस्त होने के बाद इन इलाकों की आपूर्ति बहाल हुई। सुबह पानी की आपूर्ति भी नहीं हुई। भीषण उमस और गर्मी में उपभोक्ताओं ने रात जागकर बिताई।
अवर अभियंता कांता प्रसाद के मुताबिक, दो नए खंभे लगाए गए हैं और तीन खंभों की लाइन खींची गई है। कई पेड़ काटे गए हैं। फीडर बंद होने के बाद भी अवर अभियंता को छोड़कर पावर कारपोरेशन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अलबत्ता रविवार को अधिशासी अभियंता वीके मिश्रा, एसडीओ शत्रुघन सिंह मौके पर आए। उधर, रविवार को शाम एसडीओ का कहना था कि उन्हें सिर्फ इतनी सूचना दी गई थी कि पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है।