{"_id":"5bf83f93bdec2241447430ab","slug":"191542995859-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में पानी लगा रहे किसान की सदमे से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में पानी लगा रहे किसान की सदमे से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। खेत में तड़के पानी लगाने गए किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उस पर 80 हजार और दो बेटों पर 4.40 लाख (कुल 5 लाख) का कर्ज था। पिछले हफ्ते बैंक वालों ने तकाजा किया था। किसान इससे तनाव में था।
नरैनी तहसील और गिरवां थाना क्षेत्र के जरर गांव के गोवर्धन पुरवा में श्यामलाल यादव (50) पुत्र परसन शुक्रवार को खेत गया था। तभी उसे वहां दिल का दौरा पड़ा और बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मृत्यु की पुष्टि कर दी।
मृतक के समधी और अधिवक्ता रामप्रकाश यादव ने बताया कि श्यामलाल ने पांच वर्ष पूर्व 80 हजार रुपये इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, शेरपुर शाखा से लिए थे। ब्याज सहित यह अभी बाकी है। डेढ़ वर्ष पहले उसने दोनों बेटों के नाम से 4.40 लाख रुपये कर्ज लिया था। कुल 5 लाख रुपये कर्ज अदायगी को लेकर परेशान था। खेती भी नहीं हो रही थी। 20 वर्षीय बेटी शादी योग्य है। समधी के मुताबिक एक हफ्ते पूर्व बैंक कर्मियों ने कर्ज अदायगी का तकादा किया था। तब से वह परेशान था।
विज्ञापन
विज्ञापन
नरैनी तहसील और गिरवां थाना क्षेत्र के जरर गांव के गोवर्धन पुरवा में श्यामलाल यादव (50) पुत्र परसन शुक्रवार को खेत गया था। तभी उसे वहां दिल का दौरा पड़ा और बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मृत्यु की पुष्टि कर दी।
विज्ञापन
मृतक के समधी और अधिवक्ता रामप्रकाश यादव ने बताया कि श्यामलाल ने पांच वर्ष पूर्व 80 हजार रुपये इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, शेरपुर शाखा से लिए थे। ब्याज सहित यह अभी बाकी है। डेढ़ वर्ष पहले उसने दोनों बेटों के नाम से 4.40 लाख रुपये कर्ज लिया था। कुल 5 लाख रुपये कर्ज अदायगी को लेकर परेशान था। खेती भी नहीं हो रही थी। 20 वर्षीय बेटी शादी योग्य है। समधी के मुताबिक एक हफ्ते पूर्व बैंक कर्मियों ने कर्ज अदायगी का तकादा किया था। तब से वह परेशान था।
विज्ञापन