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मंडल के हर जिले में होगी गोकुल ग्रामों की स्थापना
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:40 PM IST
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बांदा। बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा रोकने के लिए शासन ने एक और पहल की है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में गोकुल ग्राम की स्थापना की जाएगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत हर जिले में दो से चार गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में अन्ना व भूखी-प्यासी भटकने वाली देशी गायों को संरक्षण किया जाएगा। गायों के गोबर व मूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए प्लांट लगेंगे और कई उत्पाद तैयार होंगे।
केंद्र सरकार ने जुलाई 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत अन्ना प्रथा से परेशान क्षेत्रों में देशी गायों का संरक्षण करने के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत ग्राम स्तर पर गोकुल ग्राम की स्थापना की जानी है।
चित्रकूटधाम मंडल में अन्ना प्रथा की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले में गोकुल गांव की स्थापना करने के निर्देश पशुपालन विभाग को दिए हैं। मंडल में 19वीं पशुगणना के मुताबिक 5 लाख से ज्यादा गाय व बछड़े हैं। इनमें करीब तीन लाख से ज्यादा देशी गाय व बछड़े अन्ना हैं।
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मंडल में चारों जिलों में प्राइवेट पब्लिक पार्टनर (पीपीपी माडल) पर गोकुल ग्रामों की स्थापना होगी। इसमें पब्लिक की भी भागीदारी सुनिश्चित होगी। डॉ.एके सिंह, अपर निदेशक, पशुपालन, चित्रकूटधाम मंडल ने कहा कि शासन ने चारों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं।
गोकुल ग्राम की स्थापना संबंधी निर्देश शासन से मिले हैं। देशी गायों के संरक्षण के लिए कम से कम एक जिले में 500 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। जिला प्रशासन के जरिए जमीन चिह्नित की जाएगी। शासन को बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।’
-पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयनित होंगे 2 से 4 गांव
-अन्ना प्रथा पर अंकुश लगाने को शासन की पहल
-गोबर और मूत्र से तैयार होंगे कई उत्पाद
अमर उजाला ब्यूरो
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केंद्र सरकार ने जुलाई 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत अन्ना प्रथा से परेशान क्षेत्रों में देशी गायों का संरक्षण करने के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत ग्राम स्तर पर गोकुल ग्राम की स्थापना की जानी है।
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चित्रकूटधाम मंडल में अन्ना प्रथा की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले में गोकुल गांव की स्थापना करने के निर्देश पशुपालन विभाग को दिए हैं। मंडल में 19वीं पशुगणना के मुताबिक 5 लाख से ज्यादा गाय व बछड़े हैं। इनमें करीब तीन लाख से ज्यादा देशी गाय व बछड़े अन्ना हैं।
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मंडल में चारों जिलों में प्राइवेट पब्लिक पार्टनर (पीपीपी माडल) पर गोकुल ग्रामों की स्थापना होगी। इसमें पब्लिक की भी भागीदारी सुनिश्चित होगी। डॉ.एके सिंह, अपर निदेशक, पशुपालन, चित्रकूटधाम मंडल ने कहा कि शासन ने चारों जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं।
गोकुल ग्राम की स्थापना संबंधी निर्देश शासन से मिले हैं। देशी गायों के संरक्षण के लिए कम से कम एक जिले में 500 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। जिला प्रशासन के जरिए जमीन चिह्नित की जाएगी। शासन को बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।’
-पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयनित होंगे 2 से 4 गांव
-अन्ना प्रथा पर अंकुश लगाने को शासन की पहल
-गोबर और मूत्र से तैयार होंगे कई उत्पाद
अमर उजाला ब्यूरो