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Banda News: मत्स्य पालन में 19 महिला समूहों ने दिखाया हुनर
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फोटो - 19 मछली पालन के लिए बायो फ्लैट टैंक। संवाद
ग्रामीण आजीविका मिशन-30 प्रतिशत अनुदान पर आधुनिक बायो फ्लैच टैंक भी उपलब्ध कराए गए
बांदा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में 19 महिला समूहों ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी दक्षता का लोहा मनवाया है। इन महिला समूहों को न केवल मत्स्य पालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, बल्कि उन्हें 30 प्रतिशत सब्सिडी पर आधुनिक बायो फ्लैच टैंक (मछली पालन के लिए उपयोग किए जाने वाले बड़े टैंक) भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण के उपरांत, ये महिलाएं दिल्ली की नेचर जेनिक्स कंपनी के मार्गदर्शन में मछली पालन का कार्य कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डिप्टी कमिश्नर भईयन लाल ने बताया कि जिले के चार विकास खंडों में 19 महिला समूहों को मछली पालन के व्यवसाय से जोड़ा गया है। इस पहल के तहत, पहले 350 महिलाओं को मत्स्य पालन का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण उन्हें इस व्यवसाय के तकनीकी पहलुओं और प्रबंधन में निपुण बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए, जिले में विशेष बायो फ्लैच टैंकों का निर्माण किया गया है। इन टैंकों की कुल संख्या 82 है। प्रत्येक बायो फ्लैच टैंक की लागत 60 हजार है, लेकिन महिला समूहों को यह 30 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराया गया है। यह वित्तीय सहायता महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करने की बाधाओं को कम करने में सहायक सिद्ध हुई है। बांदा में 10 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं, जिनमें से छह हजार से अधिक समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्वरोजगारों में सक्रिय हैं।
विकास खंड
बायो फ्लैच टैंक की संख्या
बबेरू 50
बिसंडा 22
नरैनी 10
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ग्रामीण आजीविका मिशन-30 प्रतिशत अनुदान पर आधुनिक बायो फ्लैच टैंक भी उपलब्ध कराए गए
बांदा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में 19 महिला समूहों ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी दक्षता का लोहा मनवाया है। इन महिला समूहों को न केवल मत्स्य पालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, बल्कि उन्हें 30 प्रतिशत सब्सिडी पर आधुनिक बायो फ्लैच टैंक (मछली पालन के लिए उपयोग किए जाने वाले बड़े टैंक) भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण के उपरांत, ये महिलाएं दिल्ली की नेचर जेनिक्स कंपनी के मार्गदर्शन में मछली पालन का कार्य कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डिप्टी कमिश्नर भईयन लाल ने बताया कि जिले के चार विकास खंडों में 19 महिला समूहों को मछली पालन के व्यवसाय से जोड़ा गया है। इस पहल के तहत, पहले 350 महिलाओं को मत्स्य पालन का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण उन्हें इस व्यवसाय के तकनीकी पहलुओं और प्रबंधन में निपुण बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए, जिले में विशेष बायो फ्लैच टैंकों का निर्माण किया गया है। इन टैंकों की कुल संख्या 82 है। प्रत्येक बायो फ्लैच टैंक की लागत 60 हजार है, लेकिन महिला समूहों को यह 30 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराया गया है। यह वित्तीय सहायता महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करने की बाधाओं को कम करने में सहायक सिद्ध हुई है। बांदा में 10 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं, जिनमें से छह हजार से अधिक समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के स्वरोजगारों में सक्रिय हैं।
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विकास खंड
बायो फ्लैच टैंक की संख्या
बबेरू 50
बिसंडा 22
नरैनी 10