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सीबीआई जांच में घिरे अधिकारी ही कर रहे अवैध खनन की जांच
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:23 PM IST
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बांदा। पिछले माह ‘अमर उजाला’ में छपीं अवैध खनन संबंधी खबरों का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी द्वारा जताई गई नाराजगी के बाद खनिज विभाग भी जांच पड़ताल की रस्म अदायगी में जुट गया है। प्रदेश के खनिज निदेशालय ने मुख्यमंत्री के तेवरों के बाद अवैध खनन की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी। खास बात यह है कि अवैध खनन की जांच वाली इस टीम में इसी विभाग के वह अधिकारी शामिल किए गए जो खुद अवैध खनन मामले में सीबीआई की जांच के घेरे में है।
पिछले माह 28 जून को प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म) राज प्रताप सिंह ने बांदा डीएम को पत्र भेजकर कहा था कि बांदा जनपद में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। मुख्य सचिव ने लिखा था कि मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त कर अवैध खनन के बारे में की गई कार्रवाई गिरफ्तारी, एफआईआर, सीज की गई मशीनों का ब्योरा आज शाम तक मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ पेश करें।
सीएम के तेवर देखकर उसी दिन प्रशासन खदानों में छापे मारी और धरपकड़ में जुट गया। कई एफआईआर, गिरफ्तारियां हुईं। मशीनें सीज की गईं। अवैध खनन में अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार खनिज विभाग भी मुख्यमंत्री के तेवर भांप कर अपने को बचाने में जुट गया। खनिज निदेशक ने आनन-फानन में चार सदस्यीय टीम गठित कर अवैध खनन की जांच के लिए बांदा भेज दी।
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पांच दिन पूर्व टीम ने गुपचुप ढंग से आकर सिर्फ लमेहटा खदान की जांच की। टीम ने न तो लेखपालों से खदान और अवैध खनन की जांच कराई न ही शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया। जांच की रस्म अदायगी कर टीम चली गई। उधर, पूर्व मंत्री विवेक कुमार सिंह ने खनिज विभाग की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस टीम ने इलाहाबाद, महोबा और हमीरपुर के खनिज अधिकारी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यहां अवैध खनन की जांच सीबीआई भी कर रही है। सीबीआई की जांच में यह सब वैसे ही घेरे में है। पूर्व मंत्री ने कहा कि जो खुद सीबीआई जैसी उच्च जांच एजेंसी की जांच के दायरे में हों उन्हीं को अवैध खनन की जांच सौंपना संदेह पैदा करता है। खनिज निदेशालय से गठित जांच टीम के मुखिया और इलाहाबाद क्षेत्रीय खनिज विभाग के प्रभारी डा.वीके मौर्या अपनी जांच के बारे में काफी गोलमोल बात कर रहे हैं। बातचीत में कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
की गई शिकायत की जांच भी उनके पास नहीं है। बताया कि उनकी टीम ने लमेहटा खदान की जांच की है। अपनी कुछ दिक्कतें बताते हुए कहा कि एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट निदेशालय भेज दी जाएगी। जांच के दौरान नापजोख के लिए लेखपाल न ले जाने के सवाल पर बोले कि समय कम था इसलिए वह सीधे जांच करने इलाहाबाद से लमेहटा पहुंच गए। टीम के अन्य सदस्यों और अधिकारी को भी वहीं बुला लिया। अवैध खनन के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिए।
-सीबीआई जांच में घिरे अधिकारी ही खनिज विभाग की जांच टीम में
-सीएम के तेवरों से खनिज विभाग जांच की रस्म अदायगी में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले माह 28 जून को प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म) राज प्रताप सिंह ने बांदा डीएम को पत्र भेजकर कहा था कि बांदा जनपद में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। मुख्य सचिव ने लिखा था कि मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त कर अवैध खनन के बारे में की गई कार्रवाई गिरफ्तारी, एफआईआर, सीज की गई मशीनों का ब्योरा आज शाम तक मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ पेश करें।
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सीएम के तेवर देखकर उसी दिन प्रशासन खदानों में छापे मारी और धरपकड़ में जुट गया। कई एफआईआर, गिरफ्तारियां हुईं। मशीनें सीज की गईं। अवैध खनन में अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार खनिज विभाग भी मुख्यमंत्री के तेवर भांप कर अपने को बचाने में जुट गया। खनिज निदेशक ने आनन-फानन में चार सदस्यीय टीम गठित कर अवैध खनन की जांच के लिए बांदा भेज दी।
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पांच दिन पूर्व टीम ने गुपचुप ढंग से आकर सिर्फ लमेहटा खदान की जांच की। टीम ने न तो लेखपालों से खदान और अवैध खनन की जांच कराई न ही शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया। जांच की रस्म अदायगी कर टीम चली गई। उधर, पूर्व मंत्री विवेक कुमार सिंह ने खनिज विभाग की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस टीम ने इलाहाबाद, महोबा और हमीरपुर के खनिज अधिकारी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यहां अवैध खनन की जांच सीबीआई भी कर रही है। सीबीआई की जांच में यह सब वैसे ही घेरे में है। पूर्व मंत्री ने कहा कि जो खुद सीबीआई जैसी उच्च जांच एजेंसी की जांच के दायरे में हों उन्हीं को अवैध खनन की जांच सौंपना संदेह पैदा करता है। खनिज निदेशालय से गठित जांच टीम के मुखिया और इलाहाबाद क्षेत्रीय खनिज विभाग के प्रभारी डा.वीके मौर्या अपनी जांच के बारे में काफी गोलमोल बात कर रहे हैं। बातचीत में कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
की गई शिकायत की जांच भी उनके पास नहीं है। बताया कि उनकी टीम ने लमेहटा खदान की जांच की है। अपनी कुछ दिक्कतें बताते हुए कहा कि एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट निदेशालय भेज दी जाएगी। जांच के दौरान नापजोख के लिए लेखपाल न ले जाने के सवाल पर बोले कि समय कम था इसलिए वह सीधे जांच करने इलाहाबाद से लमेहटा पहुंच गए। टीम के अन्य सदस्यों और अधिकारी को भी वहीं बुला लिया। अवैध खनन के सवाल पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिए।
-सीबीआई जांच में घिरे अधिकारी ही खनिज विभाग की जांच टीम में
-सीएम के तेवरों से खनिज विभाग जांच की रस्म अदायगी में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो