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बाढ़ व नमामि गंगे में मददगार बनेंगे मंगल दल
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:11 AM IST
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बांदा। ग्रामीण स्तर पर गठित युवा व महिला मंगल दल के जवान अब खेल गतिविधियों के साथ बाढ़ नियंत्रण और नमामि गंगे योजना में भी भागीदार बनेंगे। प्रशिक्षण देकर इन्हें जिला प्रशासन तैयार करेगा। बेहतरीन कार्य करने वाले युवा व महिला मंगल दल को शासन स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। महानिदेशक ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस पर शीघ्र अमल करने को कहा है।
जिले भर में 471 ग्राम पंचायतों में महिला व युवा मंगल दलों का पुनर्गठन किया जा रहा है। प्रत्येक दल में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष समेत 15 सदस्य शामिल हैं। मंगल दल तो दो दशक पहले गठित हुए थे। लेकिन इधर, दशक भर से शासन स्तर पर कोई प्रोत्साहन राशि व खेलकूद का सामान न मिलने के कारण ये निष्क्रिय हो गए थे। शासन के आदेश पर मई माह से इनके पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है।
युवा कल्याण विभाग में अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा ग्राम पंचायतों में महिला व युवा मंगल दल का गठन कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उधर, प्रदेश सरकार के प्रांतीय रक्षक व युवा कल्याण महानिदेशक ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर युवा मंगल दल व महिला मंगल दलों के जरिए ग्रामीण युवाओं की सामाजिक व विकास संबंधी कार्यों में भागीदारी कराने के निर्देश दिए हैं।
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मंगल दल की महिलाएं और युवा आपदा प्रबंधन (बाढ़) में विशेष योगदान करेंगे। महानिदेशक ने कहा है कि ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पता रहती है। जिले स्तर पर इन्हें आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण देकर बचाव व राहत कार्य के लिए कुशल बनाया जाए। नदियों के किनारे स्थित गांवों में युवा व महिला मंगल दलों के जरिए बाढ़ से गांव की सुरक्षा कराई जाए।
आपदा की स्थिति में बेहतर कार्य करने वाले युवा व महिलाओं को शासन व प्रशासन स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। उधर, केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना में भी मंगल दलों की सक्रिय भागीदारी होगी। नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए युवक मंगल दल सक्रिय किए जाएंगे। ये गांव में घर-घर जाकर लोगों को नदियों में कचरा फेंकने व गंदगी न बहाने का अनुरोध करते हुए उन्हें रोकेंगे।
साथ ही शासन ने स्वच्छता कार्यक्रम के लिए इन दलों का सहयोग अनिवार्य कर दिया है। जिला युवा कल्याण अधिकारी रवींद्र कुमार पटेरिया ने कहा कि युवा व महिला मंगल दलों के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। 150 से ज्यादा दलों का गठन हो चुका है। इतने ही दल का प्रस्ताव आ गया है। उसे शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। गठन की प्रक्रिया खत्म होते ही जिलाधिकारी की अनुमति से इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। बाढ़ नियंत्रण व स्वच्छता अभियान के लिए युवाओं को उनके दायित्व सौंपे जाएंगे।
-राहत व बचाव के लिए प्रशासन करेगा प्रशिक्षित
-विशेष योगदान करने वाले दल को मिलेगा पुरस्कार
-युवा व महिला मंगल दलों के गठन की प्रक्रिया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
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जिले भर में 471 ग्राम पंचायतों में महिला व युवा मंगल दलों का पुनर्गठन किया जा रहा है। प्रत्येक दल में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष समेत 15 सदस्य शामिल हैं। मंगल दल तो दो दशक पहले गठित हुए थे। लेकिन इधर, दशक भर से शासन स्तर पर कोई प्रोत्साहन राशि व खेलकूद का सामान न मिलने के कारण ये निष्क्रिय हो गए थे। शासन के आदेश पर मई माह से इनके पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है।
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युवा कल्याण विभाग में अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा ग्राम पंचायतों में महिला व युवा मंगल दल का गठन कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उधर, प्रदेश सरकार के प्रांतीय रक्षक व युवा कल्याण महानिदेशक ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर युवा मंगल दल व महिला मंगल दलों के जरिए ग्रामीण युवाओं की सामाजिक व विकास संबंधी कार्यों में भागीदारी कराने के निर्देश दिए हैं।
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मंगल दल की महिलाएं और युवा आपदा प्रबंधन (बाढ़) में विशेष योगदान करेंगे। महानिदेशक ने कहा है कि ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पता रहती है। जिले स्तर पर इन्हें आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण देकर बचाव व राहत कार्य के लिए कुशल बनाया जाए। नदियों के किनारे स्थित गांवों में युवा व महिला मंगल दलों के जरिए बाढ़ से गांव की सुरक्षा कराई जाए।
आपदा की स्थिति में बेहतर कार्य करने वाले युवा व महिलाओं को शासन व प्रशासन स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। उधर, केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना में भी मंगल दलों की सक्रिय भागीदारी होगी। नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए युवक मंगल दल सक्रिय किए जाएंगे। ये गांव में घर-घर जाकर लोगों को नदियों में कचरा फेंकने व गंदगी न बहाने का अनुरोध करते हुए उन्हें रोकेंगे।
साथ ही शासन ने स्वच्छता कार्यक्रम के लिए इन दलों का सहयोग अनिवार्य कर दिया है। जिला युवा कल्याण अधिकारी रवींद्र कुमार पटेरिया ने कहा कि युवा व महिला मंगल दलों के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। 150 से ज्यादा दलों का गठन हो चुका है। इतने ही दल का प्रस्ताव आ गया है। उसे शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। गठन की प्रक्रिया खत्म होते ही जिलाधिकारी की अनुमति से इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। बाढ़ नियंत्रण व स्वच्छता अभियान के लिए युवाओं को उनके दायित्व सौंपे जाएंगे।
-राहत व बचाव के लिए प्रशासन करेगा प्रशिक्षित
-विशेष योगदान करने वाले दल को मिलेगा पुरस्कार
-युवा व महिला मंगल दलों के गठन की प्रक्रिया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो