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मंडल की 1648 किमी नहरें 25 करोड़ से होंगी साफ
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बांदा में सिल्ट और झाड़ियों से पटी मुख्य केन नहर।
- फोटो : BANDA
पर्याप्त बारिश के बाद बुंदेलखंड के बांधों में ठीकठाक पानी का भंडारण होने से गदगद सिंचाई विभाग ने रबी से पहले चित्रकूटधाम मंडल की नहर व माइनरों की सिल्ट सफाई का खाका तैयार कर 25 करोड़ का एस्टीमेट शासन को भेजा है। इस बजट से चारों जनपदों की 1648 किलोमीटर नहरों की सफाई कराने की तैयारी है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 339 छोटी-बड़ी नहरें/माइनर हैं। इनसे लगभग ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई होती है। सिंचाई विभाग इनका रखरखाव करता है।
नहरों की टूट-फूट और सिल्ट सफाई के लिए लगभग हर वर्ष बजट मिलता है, लेकिन नहरों की बदहाली में कोई बदलाव नजर नहीं आता। इस वर्ष बारिश बेहतर रही है। बांधों में भी फिलहाल पर्याप्त पानी है।
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रबी और खरीफ के लिए कई चरणों में नहर चलाई जाना है। इससे सिंचाई विभाग ने नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए शासन से पैसा मांगा है। बांदा में 597.49, चित्रकूट में 321.669, महोबा में 293.41 और हमीरपुर में 436 किलोमीटर लंबी नहर व माइनरों की सफाई के लिए 25 करोड़ का एस्टीमेट भेजा है।
उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग मध्य प्रदेश क्षेत्र की नहरें भी अपने खर्च से साफ करेगा। बांदा सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए इस्टीमेट में सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद के राजनगर की 62.464 किलोमीटर लंबी पांच नहरें बरकोला माइनर, महुवा पुरवा माइनर, बीरा माइनर-प्रथम व द्वितीय और रनगवां माइनर भी शामिल हैं। इन नहरों से मध्य प्रदेश 30 हजार हेक्टेअर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है।
अधीक्षण अभियंता नीरज कुमार का कहना है कि नियमित सफाई की जा रही है। इस्टीमेट स्वीकृत होने और बजट मिलते ही चारों जिलों में नहरों की सफाई का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नहरों के सफाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी भेजा गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 339 छोटी-बड़ी नहरें/माइनर हैं। इनसे लगभग ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई होती है। सिंचाई विभाग इनका रखरखाव करता है।
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नहरों की टूट-फूट और सिल्ट सफाई के लिए लगभग हर वर्ष बजट मिलता है, लेकिन नहरों की बदहाली में कोई बदलाव नजर नहीं आता। इस वर्ष बारिश बेहतर रही है। बांधों में भी फिलहाल पर्याप्त पानी है।
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रबी और खरीफ के लिए कई चरणों में नहर चलाई जाना है। इससे सिंचाई विभाग ने नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए शासन से पैसा मांगा है। बांदा में 597.49, चित्रकूट में 321.669, महोबा में 293.41 और हमीरपुर में 436 किलोमीटर लंबी नहर व माइनरों की सफाई के लिए 25 करोड़ का एस्टीमेट भेजा है।
उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग मध्य प्रदेश क्षेत्र की नहरें भी अपने खर्च से साफ करेगा। बांदा सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए इस्टीमेट में सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद के राजनगर की 62.464 किलोमीटर लंबी पांच नहरें बरकोला माइनर, महुवा पुरवा माइनर, बीरा माइनर-प्रथम व द्वितीय और रनगवां माइनर भी शामिल हैं। इन नहरों से मध्य प्रदेश 30 हजार हेक्टेअर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है।
अधीक्षण अभियंता नीरज कुमार का कहना है कि नियमित सफाई की जा रही है। इस्टीमेट स्वीकृत होने और बजट मिलते ही चारों जिलों में नहरों की सफाई का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नहरों के सफाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी भेजा गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे।