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एमएसटी का लाभ नहीं पा रहे विद्यार्थी
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रेलवे में विद्यार्थियों को एमएसटी का लाभ नहीं मिल रहा है। पांच सालों से योजना ठप पड़ी है। 150 किलो मीटर तक की यात्रा में छात्रों 75 फीसद तक किराए में रियायत दी जाती है।
विद्यार्थियों के लिए रेलवे ने इज्जत एमएसटी (मंथली सीजनल टिकट) योजना वर्ष 2010 में लागू की थी। इसमें विद्यार्थियों को 150 किलोमीटर तक की यात्रा पर 75 फीसदी किराए में छूट मिलती है।
लेकिन पिछले पांच सालों से यह टिकट जारी नहीं हो रहे। जनपद में राजकीय कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, पैरामेडिकल कालेज समेत दो दर्जन से अधिक महाविद्यालय में हजारों की संख्या में बाहरी जनपदों के छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
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उन्हें रियायती एमएसटी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा। इसे लेकर उनमें असंतोष भी है। उधर, इस बारे में रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक संजय कुमार का कहना है कि इज्जत एमएसटी में आय सीमा रोड़ा बनी हुई है।
एमएसटी बनवाने के लिए परिचय पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और एसडीएम द्वारा जारी 18 हजार वार्षिक आय का प्रमाण पत्र देना होता है।
वाणिज्य निरीक्षक का कहना है कि वर्ष 2015 के बाद से किसी भी विद्यार्थी ने यह अभिलेख जमा करके आवेदन नहीं किया। उन्होंने कहा कि आय सीमा बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है।
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विद्यार्थियों के लिए रेलवे ने इज्जत एमएसटी (मंथली सीजनल टिकट) योजना वर्ष 2010 में लागू की थी। इसमें विद्यार्थियों को 150 किलोमीटर तक की यात्रा पर 75 फीसदी किराए में छूट मिलती है।
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लेकिन पिछले पांच सालों से यह टिकट जारी नहीं हो रहे। जनपद में राजकीय कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, पैरामेडिकल कालेज समेत दो दर्जन से अधिक महाविद्यालय में हजारों की संख्या में बाहरी जनपदों के छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
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उन्हें रियायती एमएसटी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा। इसे लेकर उनमें असंतोष भी है। उधर, इस बारे में रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक संजय कुमार का कहना है कि इज्जत एमएसटी में आय सीमा रोड़ा बनी हुई है।
एमएसटी बनवाने के लिए परिचय पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और एसडीएम द्वारा जारी 18 हजार वार्षिक आय का प्रमाण पत्र देना होता है।
वाणिज्य निरीक्षक का कहना है कि वर्ष 2015 के बाद से किसी भी विद्यार्थी ने यह अभिलेख जमा करके आवेदन नहीं किया। उन्होंने कहा कि आय सीमा बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है।