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इमारतों का रजिस्ट्रेशन करने वाले विभाग का भवन जर्जर
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नरैनी (बांदा)। आलीशान इमारतों के बैनामे को रजिस्टर्ड करने वाले विभाग का भवन खुद जर्जर है। जिले में स्टांप ड्यूटी के रूप में सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित होने के बावजूद निबंधन विभाग यहां के रजिस्ट्रार कार्यालय की बदहाली पर ध्यान नहीं दे रहा। यहां रखे महत्वपूर्ण अभिलेख और कंप्यूटर आदि महफूज नहीं है।
तहसील परिसर में कई दशकों से रजिस्ट्री आफिस एक कमरे में चल रहा है। शासन व उच्चाधिकारियों से नए भवन या स्थानांतरण के लिए कई वर्षों से लगातार मांग की जा रही है लेकिन कोई पुरसाहाल नहीं है। सबसे बुरा हाल बरसात में होता है। छत से पानी टपकता है। अभिलेख, कंप्यूटर व अन्य सामग्री के खराब होने का खतरा है। दोनों दरवाजे भी जर्जर हो चुके हैं। चोरी का डर बना रहता है।
प्रभारी सब रजिस्ट्रार माला सिंह ने बताया कि जनवरी माह में लक्ष्य से 513 फीसदी (दो करोड़ 46 लाख रुपये) ज्यादा राजस्व मिला था। फरवरी में 4.83 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बताया कि कार्यालय सुरक्षित न होने से रजिस्ट्रियों से प्राप्त धनराशि दूसरे दिन ही बैंक में जमा करा दी जाती है।
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-सबसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी मिलती है नरैनी से
-दशकों से एक कमरे में चल रहा है कार्यालय
-छत व दरवाजे जर्जर, सुरक्षा भगवान भरोसे
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नरैनी (बांदा)। आलीशान इमारतों के बैनामे को रजिस्टर्ड करने वाले विभाग का भवन खुद जर्जर है। जिले में स्टांप ड्यूटी के रूप में सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित होने के बावजूद निबंधन विभाग यहां के रजिस्ट्रार कार्यालय की बदहाली पर ध्यान नहीं दे रहा। यहां रखे महत्वपूर्ण अभिलेख और कंप्यूटर आदि महफूज नहीं है।
तहसील परिसर में कई दशकों से रजिस्ट्री आफिस एक कमरे में चल रहा है। शासन व उच्चाधिकारियों से नए भवन या स्थानांतरण के लिए कई वर्षों से लगातार मांग की जा रही है लेकिन कोई पुरसाहाल नहीं है। सबसे बुरा हाल बरसात में होता है। छत से पानी टपकता है। अभिलेख, कंप्यूटर व अन्य सामग्री के खराब होने का खतरा है। दोनों दरवाजे भी जर्जर हो चुके हैं। चोरी का डर बना रहता है।
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प्रभारी सब रजिस्ट्रार माला सिंह ने बताया कि जनवरी माह में लक्ष्य से 513 फीसदी (दो करोड़ 46 लाख रुपये) ज्यादा राजस्व मिला था। फरवरी में 4.83 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बताया कि कार्यालय सुरक्षित न होने से रजिस्ट्रियों से प्राप्त धनराशि दूसरे दिन ही बैंक में जमा करा दी जाती है।
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-सबसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी मिलती है नरैनी से
-दशकों से एक कमरे में चल रहा है कार्यालय
-छत व दरवाजे जर्जर, सुरक्षा भगवान भरोसे