फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   निजीकरण के विरोध में विद्युत अभियंताओं की हड़ताल

निजीकरण के विरोध में विद्युत अभियंताओं की हड़ताल

Tue, 27 Mar 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
निजीकरण के विरोध में विद्युत अभियंताओं की हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बांदा। विद्युत वितरण व्यवस्था को निजी क्षेत्र में देने के सरकारी फैसले पर विरोध में उतरी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पावर कारपोरेशन के अभियंता मंगलवार को हड़ताल पर रहे। मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में धरना दिया। हड़ताल से बिजली आपूर्ति कुछ खास प्रभावित नहीं हुई।


धरने में संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष कुमार सौरभ और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ अध्यक्ष शारदा प्रसाद शुक्ला व विद्युत परिषद जूनियर-इंजीनियर संघ अध्यक्ष राजेश श्रीवास आदि ने कहा कि यह आंदोलन प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हुआ है। प्रदेश सरकार ने सात जिलों और पांच शहरों की बिजली आपूर्ति निजी क्षेत्र को देने का फैसला किया है। इसी का विरोध अभियंता और कर्मचारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, हाईड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन और मजदूर संघ आदि शामिल हैं।
विज्ञापन



हड़ताल में शामिल मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बिजली निगमों का एकीकरण करके राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन करने की मांग की। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने वेतन विसंगतियां खत्म करने को कहा। अधिशासी अभियंता अनिल पाठक व अनिल सविता ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग की है। जूनियर इंजीनियर संगठन क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक अहमद और सचिव आरपी सिंह ने कहा कि निजीकरण से विकास नहीं हो सकता। कर्मचारी संघ जोनल मंत्री अनिल यादव ने रिक्त पदों पर भर्ती की मांग की। हाईड्रो इंप्लाइज के शैलेंद्र कुमार ने सस्ती बिजली की पैरोकारी की। अभियंताओं के आंदोलन में पहुंचे भाकपा राज्य कौंसिल सदस्य डॉ. रामचंद्र सरस ने अभियंताओं की मांगों का समर्थन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अखिल भारतीय नवजवान सभा जिलाध्यक्ष श्यामबाबू, किसान सभा जिलाध्यक्ष जंगबहादुर सिंह, महासचिव मदन भाई पटेल ने भी आंदोलन को जायज बताया। संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि कार्य बहिष्कार से भी सरकार नहीं चेती तो निजीकरण के विरोध में और बड़ा आंदोलन होगा। धरने में अभियंता संघ के कुमार सौरभ सहित रविकांत, प्र्रणव दास, हिमांशू यादव, पीयूष द्विवेदी, अमित यादव, सुनील पटेल, मुकेश चौरसिया, कांता प्रसाद, आरपी सिंह, विवेक सिंह, कर्मचारी लखन लाल, कमाल अहमद, आलोक शर्मा, अशोक दीक्षित, सुनील सिंह, सुमित गुप्ता, महेंद्र साहू, सुनील चक्रवर्ती, मोहन स्वरूप श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।


-कई संगठनों ने एकजुट होकर धरना दिया
-मुख्य अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक रहे शामिल
-सात जनपदों में बिजली निजी क्षेत्रों को देने का विरोध
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed