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दुष्कर्म के दोषी को 15 वर्ष कैद, 50 हजार जुर्माना
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बांदा। बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद एक माह तक किशोरी से दुष्कर्म करने के जुर्म में युवक को अदालत ने 15 वर्ष की कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न कर पाने पर छह माह और जेल में रहना होगा।
गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 मई 2019 की घटना है। रात करीब 9 बजे गांव के मिनी सचिवालय के पास कंडा लेने 16 वर्षीय किशोरी गई थी। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक वहां किशोरी की बुआ और कौशांबी जनपद निवासी सुनील कुमार मौजूद थे। बुआ के सहयोग से सुनील किशोरी को हैदराबाद लेकर चला गया। वहां के किराए के मकान में एक माह तक किशोरी को रखकर दुष्कर्म करता रहा। इधर, किशोरी की मां ने गिरवां थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी सुनील किशोरी को लेकर हैदराबाद से वापस आ गया और खुद गिरवां थाना पहुंचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना में आरोपी बुआ को क्लीनचिट दे दी। सुनील पर आरोप तय किए।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी शिवपूजन सिंह पटेल, सुनील कुमार गुप्ता और वीरेंद्र द्विवेदी ने छह गवाह पेश किए। बुधवार को करीब तीन वर्ष बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनु सक्सेना ने खुली अदालत में फैसला सुनाया। दोषी सुनील को 15 वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद भुगतना होगी। दोषी को जेल भेज दिया गया। उधर, मंगलवार को सजा पर सुनवाई के दौरान दोषी सुनील अदालत से भाग गया था। अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया। इस पर बुधवार को वह खुद अदालत में हाजिर हो गया।
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गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 मई 2019 की घटना है। रात करीब 9 बजे गांव के मिनी सचिवालय के पास कंडा लेने 16 वर्षीय किशोरी गई थी। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक वहां किशोरी की बुआ और कौशांबी जनपद निवासी सुनील कुमार मौजूद थे। बुआ के सहयोग से सुनील किशोरी को हैदराबाद लेकर चला गया। वहां के किराए के मकान में एक माह तक किशोरी को रखकर दुष्कर्म करता रहा। इधर, किशोरी की मां ने गिरवां थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी सुनील किशोरी को लेकर हैदराबाद से वापस आ गया और खुद गिरवां थाना पहुंचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना में आरोपी बुआ को क्लीनचिट दे दी। सुनील पर आरोप तय किए।
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अभियोजन की ओर से एडीजीसी शिवपूजन सिंह पटेल, सुनील कुमार गुप्ता और वीरेंद्र द्विवेदी ने छह गवाह पेश किए। बुधवार को करीब तीन वर्ष बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनु सक्सेना ने खुली अदालत में फैसला सुनाया। दोषी सुनील को 15 वर्ष की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद भुगतना होगी। दोषी को जेल भेज दिया गया। उधर, मंगलवार को सजा पर सुनवाई के दौरान दोषी सुनील अदालत से भाग गया था। अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया। इस पर बुधवार को वह खुद अदालत में हाजिर हो गया।
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