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चिराग से लगी आग में जिंदा जला युवक
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नबांदा। जलता चिराग गिरने से ईंधन में लगी आग से शराब पीकर सो रहा युवक जिंदा जल गया। आग से मृतक का घर तो जला ही, साथ ही पड़ोस के दो मकान भी चपेट में आ गए। आग बुझाने में तीन पड़ोसी मामूली रूप से झुलस गए।
घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सतन्याव गांव की है। रविवार की रात ओमकार (24) पुत्र लक्ष्मी प्रसाद अपने कच्चे मकान में अकेले सो रहा था। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे मकान में सो रहे थे। आधी रात को मकान जलता देख पड़ोसी और परिजन जाग उठे। आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी। सब ने मिलकर जलते हुए मकान के दरवाजे तोड़े, लेकिन अंदर सो रहा ओमकार गंभीर रूप से जलकर मौत के मुंह समा चुका था।
आग ने पड़ोसी गिरधारी राजपूत और टिर्रू के मकान को भी चपेट ले लिया। गांव वालों ने देर तक अथक मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड बाद में पहुंची। यूपी-100 और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मृतक के पिता ने बताया कि ओमकार नशे का आदी था। घटना के समय वह नशे में था। यही कारण है कि आग से बचकर भाग नहीं सका। पिता के हवाले से तहसीलदार सुनील कुमार ने भी यही बात बताई।
उधर, मृतक के बड़े भाई घनश्याम ने बताया कि ओमकार अविवाहित और चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पास सात बीघा जमीन थी। भाई के मुताबिक ओमकार अलग घर में सोता था। उधर, आग बुझाने में पड़ोसी अजय (18), सत्यम (45) और सेवाचंद्र (44) मामूली रूप से झुलस गए। जिला अस्पताल में उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
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घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सतन्याव गांव की है। रविवार की रात ओमकार (24) पुत्र लक्ष्मी प्रसाद अपने कच्चे मकान में अकेले सो रहा था। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे मकान में सो रहे थे। आधी रात को मकान जलता देख पड़ोसी और परिजन जाग उठे। आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी। सब ने मिलकर जलते हुए मकान के दरवाजे तोड़े, लेकिन अंदर सो रहा ओमकार गंभीर रूप से जलकर मौत के मुंह समा चुका था।
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आग ने पड़ोसी गिरधारी राजपूत और टिर्रू के मकान को भी चपेट ले लिया। गांव वालों ने देर तक अथक मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड बाद में पहुंची। यूपी-100 और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मृतक के पिता ने बताया कि ओमकार नशे का आदी था। घटना के समय वह नशे में था। यही कारण है कि आग से बचकर भाग नहीं सका। पिता के हवाले से तहसीलदार सुनील कुमार ने भी यही बात बताई।
उधर, मृतक के बड़े भाई घनश्याम ने बताया कि ओमकार अविवाहित और चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पास सात बीघा जमीन थी। भाई के मुताबिक ओमकार अलग घर में सोता था। उधर, आग बुझाने में पड़ोसी अजय (18), सत्यम (45) और सेवाचंद्र (44) मामूली रूप से झुलस गए। जिला अस्पताल में उनका प्राथमिक उपचार किया गया।