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Banda News: जलभराव और गड्ढे बने आफत, बांदा-टांडा हाईवे आठ घंटे जाम
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फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद
बांदा/तिंदवारी। बारिश और जलभराव ने बांदा-टांडा हाईवे की हालत बिगाड़ दी है। तिंदवारी कस्बे में प्रकाश गैरेज के पास सड़क पर गहरे गड्ढों में सोमवार को फतेहपुर से बांदा आ रही रोडवेज बस और ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई।
बस नहीं निकल सकी तो यात्रियों को दूसरी बस से बांदा भेजा गया। ट्रॉली को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। दिन भर वाहनों के फंसने से करीब आठ घंटे तक जाम के हालात बने रहे।
लगातार बारिश से हाईवे पर जगह-जगह जलभराव है। पानी में डूबे गहरे गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे सोमवार को एक के बाद एक वाहन गड्ढों में फंसते रहे। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से मार्ग पर जाम की समस्या बनी हुई है। लोगों ने मशक्कत कर जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकाला। रोडवेज बस के यात्रियों को दूसरी बस से भेजना पड़ा। इसके बावजूद दिनभर यातायात सामान्य नहीं हो सका।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि जलनिकासी के रास्ते पर अतिक्रमण के कारण पानी सड़क पर भर रहा है। बारिश थमने और जलनिकासी होने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकेगी।
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आठ घंटे जाम, फिर भी समाधान नहीं
बारिश के कारण हाईवे पर जलभराव की समस्या पहले से थी, लेकिन गहरे गड्ढों ने परेशानी और बढ़ा दी। वाहन फंसने के बाद उन्हें निकालने में घंटों लगते रहे। करीब आठ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद दिनभर समस्या का स्थायी निदान नहीं निकल सका। हाईवे से रोजाना गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए यह स्थिति लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है।
जलभराव में सड़ी तिल और धान की फसल, सर्वे और मुआवजे की मांग
अतर्रा। लगातार बारिश और खेतों में जलभराव से धान, तिल और मूंग की फसल को नुकसान हुआ है। खमौरा गांव के अवधेश तिवारी ने बताया कि करीब एक माह से खेत में पानी भरा है। इससे आठ बीघे धान की फसल खराब हो गई। दुरई माफी के बलराम यादव, सदाशिव यादव और उमेश ने भी धान की फसल पूरी तरह खराब होने की बात कही।
फतेहगंज क्षेत्र के महुई गांव के सुशील द्विवेदी और लल्लू कुशवाहा ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान, तिल और मूंग की फसल को नुकसान हुआ है। तिंदवारी क्षेत्र में भी तीन दिन की मूसलाधार बारिश से धान की फसल खेतों में गिर गई है। मुंगुस गांव के ईश नारायण पटेल ने तिल, मूंग, उड़द और ज्वार की फसल खराब होने की जानकारी दी। किसानों का कहना है कि फसल के साथ महंगे बीज और लागत भी डूब गई। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्रवार सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। (संवाद)
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सड़क पर जलनिकासी बना मुसीबत
अतर्रा। तहसील क्षेत्र के दिखितवारा के अंश सताउवा पुरवा में करीब एक माह से सड़क पर गंदा पानी भरा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इसी गंदे पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है। (संवाद)
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बस नहीं निकल सकी तो यात्रियों को दूसरी बस से बांदा भेजा गया। ट्रॉली को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। दिन भर वाहनों के फंसने से करीब आठ घंटे तक जाम के हालात बने रहे।
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लगातार बारिश से हाईवे पर जगह-जगह जलभराव है। पानी में डूबे गहरे गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे सोमवार को एक के बाद एक वाहन गड्ढों में फंसते रहे। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से मार्ग पर जाम की समस्या बनी हुई है। लोगों ने मशक्कत कर जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकाला। रोडवेज बस के यात्रियों को दूसरी बस से भेजना पड़ा। इसके बावजूद दिनभर यातायात सामान्य नहीं हो सका।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि जलनिकासी के रास्ते पर अतिक्रमण के कारण पानी सड़क पर भर रहा है। बारिश थमने और जलनिकासी होने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकेगी।
आठ घंटे जाम, फिर भी समाधान नहीं
बारिश के कारण हाईवे पर जलभराव की समस्या पहले से थी, लेकिन गहरे गड्ढों ने परेशानी और बढ़ा दी। वाहन फंसने के बाद उन्हें निकालने में घंटों लगते रहे। करीब आठ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद दिनभर समस्या का स्थायी निदान नहीं निकल सका। हाईवे से रोजाना गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों के लिए यह स्थिति लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है।
जलभराव में सड़ी तिल और धान की फसल, सर्वे और मुआवजे की मांग
अतर्रा। लगातार बारिश और खेतों में जलभराव से धान, तिल और मूंग की फसल को नुकसान हुआ है। खमौरा गांव के अवधेश तिवारी ने बताया कि करीब एक माह से खेत में पानी भरा है। इससे आठ बीघे धान की फसल खराब हो गई। दुरई माफी के बलराम यादव, सदाशिव यादव और उमेश ने भी धान की फसल पूरी तरह खराब होने की बात कही।
फतेहगंज क्षेत्र के महुई गांव के सुशील द्विवेदी और लल्लू कुशवाहा ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान, तिल और मूंग की फसल को नुकसान हुआ है। तिंदवारी क्षेत्र में भी तीन दिन की मूसलाधार बारिश से धान की फसल खेतों में गिर गई है। मुंगुस गांव के ईश नारायण पटेल ने तिल, मूंग, उड़द और ज्वार की फसल खराब होने की जानकारी दी। किसानों का कहना है कि फसल के साथ महंगे बीज और लागत भी डूब गई। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्रवार सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। (संवाद)
सड़क पर जलनिकासी बना मुसीबत
अतर्रा। तहसील क्षेत्र के दिखितवारा के अंश सताउवा पुरवा में करीब एक माह से सड़क पर गंदा पानी भरा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इसी गंदे पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है। (संवाद)

फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद

फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद

फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद

फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद

फोटो-20-बांदा-टांडा हाईवे पर हुए जलभराव और गड्ढों में फंसी ईंट लदी ट्राली। संवाद