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ग्लैंडर फार्सी जांच के लिए खच्चरों के 71 नमूने लिए गए
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:11 AM IST
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बांदा। गधों में मिली ‘ग्लैंडर्स फारसी’ बीमारी को लेकर मंडल के चारों जिला मुख्यालयों में नियंत्रण कक्ष खोला गया है। मंडल मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष में चारों जिलों से घोड़ों, गधों और खच्चरों आदि के खून के नमूने एकत्रित किए जाएंगे। सूचनाओं पर त्वरित जांच व उपचार की कार्रवाई होगी।
पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए चारों जिलों से गधों, घोड़ों और खच्चरों के 71 ब्लड नमूने लिए हैं। चित्रकूट के पशुधन प्रसार अधिकारी को नमूने लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार (हरियाणा) भेजा गया है। चित्रकूटधाम मंडल में गधों में ‘ग्लैंडर्स फारसी’ के वायरस पाए जाने पर मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बेंदाघाट में छह गधों में वायरस पाए जाने और उन गधों को मारकर दफनाने के बाद पशुपालन विभाग की विशेष टीमों ने चारों जिलों में घोड़ों, गधों और खच्चरों के खून के 71 नमूने लिए हैं। इनमें बांदा में 11, हमीरपुर में 20, चित्रकूट में 25 व महोबा में 15 नमूने शामिल हैं।
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पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. एके सिंह ने विभागीय उप निदेशक डॉ.आरके द्विवेदी को ‘ग्लैंडर्स फारसी’ बीमारी के विशेष अभियान का प्रभारी नामित किया है। कंट्रोल रूम का प्रभारी प्रयोगशाला सहायक रघुनंदन को बनाया गया है। ये जनपदों से आने वाली सूचनाएं उच्चाधिकारियों व शासन तक पहुंचाएंगे। कंट्रोल रूम के हेल्प लाइन नंबर- 9415538663 व 9410258900 हैं। इन नंबरों पर‘ग्लैंडर्स फारसी’ से संबंधित जानकारी दी जा सकती है।
‘ग्लैंडर्स फारसी’ जीवाणु जनित रोग है। यह घोड़ा, खच्चर और गधों के जरिए मनुष्यों तक फैल जाता है। यह लाइलाज है। घोड़ा इस बीमारी में इलाज के बाद सामान्य दिखते हुए भी बीमारी फैलाता है। बचाव के तरीकों में बताया गया है कि लक्षण प्रतीत होने पर पशु की तत्काल जांच कराएं। बीमार पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें।
-चारों जिलों में नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन चालू
-बांदा में सभी जिलों से संकलित होंगे ब्लड नमूने
-मंडलायुक्त ने पशुपालन विभाग को जारी किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
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पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए चारों जिलों से गधों, घोड़ों और खच्चरों के 71 ब्लड नमूने लिए हैं। चित्रकूट के पशुधन प्रसार अधिकारी को नमूने लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार (हरियाणा) भेजा गया है। चित्रकूटधाम मंडल में गधों में ‘ग्लैंडर्स फारसी’ के वायरस पाए जाने पर मंडलायुक्त अजय कुमार शुक्ला ने पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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बेंदाघाट में छह गधों में वायरस पाए जाने और उन गधों को मारकर दफनाने के बाद पशुपालन विभाग की विशेष टीमों ने चारों जिलों में घोड़ों, गधों और खच्चरों के खून के 71 नमूने लिए हैं। इनमें बांदा में 11, हमीरपुर में 20, चित्रकूट में 25 व महोबा में 15 नमूने शामिल हैं।
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पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. एके सिंह ने विभागीय उप निदेशक डॉ.आरके द्विवेदी को ‘ग्लैंडर्स फारसी’ बीमारी के विशेष अभियान का प्रभारी नामित किया है। कंट्रोल रूम का प्रभारी प्रयोगशाला सहायक रघुनंदन को बनाया गया है। ये जनपदों से आने वाली सूचनाएं उच्चाधिकारियों व शासन तक पहुंचाएंगे। कंट्रोल रूम के हेल्प लाइन नंबर- 9415538663 व 9410258900 हैं। इन नंबरों पर‘ग्लैंडर्स फारसी’ से संबंधित जानकारी दी जा सकती है।
‘ग्लैंडर्स फारसी’ जीवाणु जनित रोग है। यह घोड़ा, खच्चर और गधों के जरिए मनुष्यों तक फैल जाता है। यह लाइलाज है। घोड़ा इस बीमारी में इलाज के बाद सामान्य दिखते हुए भी बीमारी फैलाता है। बचाव के तरीकों में बताया गया है कि लक्षण प्रतीत होने पर पशु की तत्काल जांच कराएं। बीमार पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें।
-चारों जिलों में नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन चालू
-बांदा में सभी जिलों से संकलित होंगे ब्लड नमूने
-मंडलायुक्त ने पशुपालन विभाग को जारी किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो