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बांदा में पहले चरण में 12 हजार बच्चे अति कुपोषित मिले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:30 AM IST
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बड़ोखर ब्लाक में वजन दिवस पर बच्चों का वजन करतीं आंगनबाड़ी सहायिका।
- फोटो : अमर उजाला
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‘वजन दिवस’ पर मंगलवार को पहले चरण में करीब 800 केंद्रों में 96 हजार बच्चों का वजन किया गया। इनमें 12 हजार बच्चे अति कुपोषित (लाल श्रेणी) चिह्नित किए गए। पूरे जिले में 1750 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 1.96 लाख बच्चों का वजन होना है।
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बांदा व अतर्रा नगर पालिका क्षेत्र समेत बड़ोखर, तिंदवारी, महुआ व जसपुरा ब्लाक और तिंदवारी व मटौंध नगर पंचायत में बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र आए। 96 हजार बच्चों में करीब 12000 अति कुपोषित मिले। इन बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराया जाएगा। वजन दिवस में 1.96 लाख बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाना था। लेकिन इनमें सिर्फ 96 हजार बच्चे ही केंद्र तक आ सके। अभियान में सेक्टर प्रभारियों ने खास रुचि नहीं दिखाई।
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कार्यक्रम के दौरान सेंटरों में झांकने तक नहीं पहुंचे। वहीं ग्राम व वार्ड पर्यवेक्षक बनाई गईं एएनएम व प्रधानाध्यापक भी गायब दिखे। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने शहर समेत बड़ोखर ब्लाक के बिसंडी व गुरेह गांव के सेंटरों का निरीक्षण किया। सीडीपीओ नगर अर्जुन सिंह ने कांशीराम कालोनी, खाईंपार, अलीगंज व बड़ोखर खुर्द ब्लाक के कई सेंटर गए और बच्चों का वजन कराया। खामियों को सुधारने की कोशिश की। नगर क्षेत्र में 30 वार्ड पर्यवेक्षक लगाए गए थे। जबकि सभी क्षेत्रों में 265 पर्यवेक्षक और 39 सेक्टर प्रभारी तैनात थे। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन मशीन गड़बड़ रही।
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पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती होंगे अति कुपोषित बच्चे
जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने बताया कि चिह्नित किए गए अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराकर इलाज कराया जाएगा। बच्चों के पोषण युक्त खान-पान की व्यवस्था की जाएगी। ठीक होने तक हर माह वजन किया जाएगा। संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।