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गरीब बच्चों को पढ़ाई केे लिए मिलेंगे पांच हजार रुपये
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बांदा। प्राइवेट स्कूलों में भी गरीब बच्चों को शिक्षा के साथ पाठ्य पुस्तक व यूनिफार्म की सुविधा मिलेगी। अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा एक में नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा। पाठ्य पुस्तक व यूनिफार्म के लिए पांच हजार रुपये सीधे अभिभावक के खाते में जाएगा। स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आरटीआई में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने समाजसेवी कुलदीप शुक्ला को दी सूचना में बताया है कि अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राइवेट स्कूलों में 20 फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला कराया जा रहा है। इनकी फीस की भरपाई शासन द्वारा स्कूल को की जाएगी, जबकि पाठ्यपुस्तक और यूनिफार्म के लिए पांच हजार रुपये अभिभावक के खाते में भेजे जाते हैं।
उधर, सूचना में यह भी बताया गया है कि अंग्रेजी माध्यम से 42 विद्यालय संचालित हैं। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार कोई भी विद्यालय मई और जून माह की फीस व वाहन शुल्क नहीं ले सकता है। सरकार द्वारा अधिकृत प्रकाशन की पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यालय में पढ़ाई होगी। छात्र व अभिभावक के उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई होगी। बीएसए ने बताया कि जिले में 24 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। चालू शिक्षा सत्र के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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आरटीआई में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने समाजसेवी कुलदीप शुक्ला को दी सूचना में बताया है कि अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राइवेट स्कूलों में 20 फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला कराया जा रहा है। इनकी फीस की भरपाई शासन द्वारा स्कूल को की जाएगी, जबकि पाठ्यपुस्तक और यूनिफार्म के लिए पांच हजार रुपये अभिभावक के खाते में भेजे जाते हैं।
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उधर, सूचना में यह भी बताया गया है कि अंग्रेजी माध्यम से 42 विद्यालय संचालित हैं। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार कोई भी विद्यालय मई और जून माह की फीस व वाहन शुल्क नहीं ले सकता है। सरकार द्वारा अधिकृत प्रकाशन की पाठ्यपुस्तकों से ही विद्यालय में पढ़ाई होगी। छात्र व अभिभावक के उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई होगी। बीएसए ने बताया कि जिले में 24 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। चालू शिक्षा सत्र के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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