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आम बजट कल, व्यापारियों की उम्मीदें चढ़ीं परवान
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पहली फरवरी नजदीक आते ही केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट को लेकर आम लोगों के साथ व्यापारियों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। व्यापारी वर्ग जीएसटी की दरों में कमी और प्रक्रिया में सरलीकरण की उम्मीदें संजोए हुए हैं। आयकर स्लैब बढ़ाकर टैक्स छूट की सीमा भी बढ़ाने की दरकार है। कुछ चुनिंदा व्यापारियों की बजट को लेकर प्रतिक्रियाएं-
इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी संजय गुप्त का कहना है कि सरकार को बजट में इलेक्ट्रानिक्स उपकरण में लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत कर देना चाहिए। आयकर टीमों के छापों से व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
पेंट व्यापारी पुलकित राज का कहना है कि बजट में छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन के लिए ई-बिलिंग बढ़ाकर एक लाख रुपये पर अनिवार्य की जानी चाहिए। मौजूदा में यह 50 हजार पर यह लागू है। व्यापारियों को राहत मिलेगी।
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सराफा कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल ने बजट में आयकर में छूट और बढ़ाने की जरूरत बताई। कहा कि जीएसटी में कई जटिलताएं हैं। इन्हें दूर किया जाना चाहिए। छोटे व्यापारियों को टैक्स में राहत देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
कास्मेटिक व्यापारी मनोज गुप्ता का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स दाखिल करने की प्रक्रिया काफी कठिन हो गई है। व्यापारियों को इसमें राहत दी जानी चाहिए। माहवार टैक्स दाखिले की सीमा 1 से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ की जाए। समाधान में टैक्स की दर घटा कर आधा फीसदी की जाए।
-जीएसटी और टैक्स प्रक्रिया में बदलाव की दरकार
-आयकर स्लैब बढ़ाकर टैक्स में छूट की मांग
-बजट को लेकर व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं
बांदा। पहली फरवरी नजदीक आते ही केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट को लेकर आम लोगों के साथ व्यापारियों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। व्यापारी वर्ग जीएसटी की दरों में कमी और प्रक्रिया में सरलीकरण की उम्मीदें संजोए हुए हैं। आयकर स्लैब बढ़ाकर टैक्स छूट की सीमा भी बढ़ाने की दरकार है। कुछ चुनिंदा व्यापारियों की बजट को लेकर प्रतिक्रियाएं-
इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी संजय गुप्त का कहना है कि सरकार को बजट में इलेक्ट्रानिक्स उपकरण में लगने वाले 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत कर देना चाहिए। आयकर टीमों के छापों से व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
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पेंट व्यापारी पुलकित राज का कहना है कि बजट में छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन के लिए ई-बिलिंग बढ़ाकर एक लाख रुपये पर अनिवार्य की जानी चाहिए। मौजूदा में यह 50 हजार पर यह लागू है। व्यापारियों को राहत मिलेगी।
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सराफा कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल ने बजट में आयकर में छूट और बढ़ाने की जरूरत बताई। कहा कि जीएसटी में कई जटिलताएं हैं। इन्हें दूर किया जाना चाहिए। छोटे व्यापारियों को टैक्स में राहत देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
कास्मेटिक व्यापारी मनोज गुप्ता का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स दाखिल करने की प्रक्रिया काफी कठिन हो गई है। व्यापारियों को इसमें राहत दी जानी चाहिए। माहवार टैक्स दाखिले की सीमा 1 से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ की जाए। समाधान में टैक्स की दर घटा कर आधा फीसदी की जाए।
-जीएसटी और टैक्स प्रक्रिया में बदलाव की दरकार
-आयकर स्लैब बढ़ाकर टैक्स में छूट की मांग
-बजट को लेकर व्यापारियों की प्रतिक्रियाएं