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Banda News: मई की भीषण गर्मी में फुंके 1140 ट्रांसफार्मर

Tue, 04 Jun 2024 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2024 12:48 AM IST
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1140 transformers blew up in the scorching heat of May
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में भीषण गर्मी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। हर रोज ओवरलोड होकर 40 से 50 ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
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मई में चारों जिलों में 1140 ट्रांसफार्मर फुंके, जबकि बिजली विभाग के वर्कशाप में माहभर में 350 ट्रांसफार्मरों के ही मरम्मत करने की क्षमता है। वर्कशाप में स्टाफ की कमी के कारण निजी कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ रही है। ऐसे में यदि कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया तो उसे बदलने में दो से तीन दिन लग जाते हैं। मोबाइल ट्रांसफार्मर कहने को तो 20 हैं, पर यह भी समय पर नहीं पहुंच पाते।



बिजली विभाग के वर्कशाप में फुंके हुए ट्रांसफार्मरों का ढेर लगा है। मई में 49 डिग्री तक तापमान पहुंच जाने के कारण बिजली की खपत बढ़ी और सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मरों पर लोड पड़ा। गर्मी में गर्म होकर ट्रांसफार्मर धू-धूकर जल रहे हैं। बिजली विभाग की मानें तो मई में मंडल के चारों जिलों में 1140 ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25 केवीए के 527 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। 63 केवीए के 203 व 100 केवीए के 122 ट्रांसफार्मर गर्मी बर्दाश्त नहीं कर सके। 630 केवीए के सात और एक हजार केवीए के पांच ट्रांसफार्मर जले हैं। इनमें 1129 ट्रांसफार्मरों के मरम्मत का दावा किया जा रहा है।
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शासन से आदेश हैं कि शहर में ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद शहर क्षेत्र में आठ घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर बदलकर दूसरे लगाए जाएं, लेकिन वर्कशाप में स्टाफ व संसाधनों की कमी की वजह से ट्रांसफार्मरों की मरम्मत समय से नहीं हो पाती। ऐसे में शहर में ट्रांसफार्मर बदलने में दो से चार दिन का समय लग जाता हैं। बांदा में बिजली विभाग के वर्कशाप में हर रोज 10 से 12 ट्रांसफार्मरों के मरम्मत करने की क्षमता है। यहां जेई व एसडीओ सहित कुल 12 कर्मचारियों की टीम है, जो ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराते हैं। एक ट्रांसफार्मर बनाने में चार कर्मचारियों की टीम की जरूरत पड़ती है।
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हमीरपुर जिले के वर्कशाप में हर माह 200 ट्रांसफार्मर मरम्मत कराने की क्षमता है। यहां भी 16 कर्मचारियों की जगह सिर्फ 11 काम कर रहे हैं।



32 मोबाइल ट्रांसफार्मरों के भरोसे व्यवस्था

ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद मोबाइल ट्रांसफार्मरों को लगाया जाता है। फुंके हुए ट्रांसफार्मर की मरम्मत के बाद इसे हटा लिया जाता है। मंडल के चारों जिलों में 32 मोबाइल ट्रांसफार्मर हैं। बांदा में 20 व महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट में चार-चार मोबाइल ट्रांसफार्मर हैं। मोबाइल ट्रांसफार्मर सिर्फ शहर के वीआईपी क्षेत्र में ही भेजे जाते हैं। अन्य क्षेत्रों में जब ट्रांसफार्मर की मरम्मत होती है तभी दो से तीन दिन में बिजली आती है।


मई में फुंके ट्रांसफार्मरों पर एक नजर

जिला फुंके ट्रांसफार्मर मरम्मत हुए ट्रांसफार्मर

बांदा 449 446

चित्रकूट 215 215

हमीरपुर 180 175

महोबा 296 293

योग 1140 1129

वर्जन-

-बिजली विभाग के चारों वर्कशाॅप में इस समय तेजी से ट्रांसफार्मर मरम्मत का कार्य चल रहा है। एक दिन में 40 से 50 ट्रांसफार्मर आ रहे हैं और इनकी मरम्मत की जा रही है। स्टाफ की कमी होने पर बाहर से प्राइवेट कर्मचारी लगा लिए जाते हैं। -हेमराज सिंह, अधिशासी अभियंता, वर्कशॉप, चित्रकूटधाम मंडल।
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