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मॉडल के रूप में विकसित होंगे स्कूलों के मीना मंच
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:48 PM IST
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में गठित मीना मंच का पुनर्गठन कर उन्हें मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रति ब्लाक दो-दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया जाएगा। 15 बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार होगी।
मंडल में करीब 1400 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। सभी 24 ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं में नामांकन, ठहराव, अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व एवं सहयोग की भावना आदि कौशल को विकसित करने के लिए वर्ष 2015 में मीना मंच का गठन किया गया था।
इस शैक्षिक सत्र में प्रत्येक ब्लाक के दो-दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मीना मंच का पुनर्गठन कर माडल के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित विद्यालयों में 60 से अधिक छात्राएं होंगी। इनमें अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति व अल्पसंख्यक बालिकाएं अधिक होंगी। 15 जुलाई तक जिला स्तर पर बैठक व कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
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25 जुलाई तक विद्यालयों की सूची गूगल शीट पर अपडेट होगी। 30 जुलाई तक श्रेणीकरण को प्री-टेस्ट होंगे। 15 अगस्त तक गठन होगा। सितंबर में जिलास्तरीय थियेटर कार्यशाला और अक्तूबर से हर माह नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन होगा। राज्य अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने मंडल के चारों बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के साथ आख्या भेजी जाए।
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मंडल में करीब 1400 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। सभी 24 ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं में नामांकन, ठहराव, अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व एवं सहयोग की भावना आदि कौशल को विकसित करने के लिए वर्ष 2015 में मीना मंच का गठन किया गया था।
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इस शैक्षिक सत्र में प्रत्येक ब्लाक के दो-दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मीना मंच का पुनर्गठन कर माडल के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित विद्यालयों में 60 से अधिक छात्राएं होंगी। इनमें अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति व अल्पसंख्यक बालिकाएं अधिक होंगी। 15 जुलाई तक जिला स्तर पर बैठक व कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
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25 जुलाई तक विद्यालयों की सूची गूगल शीट पर अपडेट होगी। 30 जुलाई तक श्रेणीकरण को प्री-टेस्ट होंगे। 15 अगस्त तक गठन होगा। सितंबर में जिलास्तरीय थियेटर कार्यशाला और अक्तूबर से हर माह नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन होगा। राज्य अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने मंडल के चारों बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के साथ आख्या भेजी जाए।