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यशार्थ को आईएएस में मिली 12वीं रैंक
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बलरामपुर। जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह के बेटे यशार्थ शेखर ने संघ लोकसेेवा आयोग की वर्ष 2021 की परीक्षा में पूरे देश में 12वीं रैंक हासिल कर जिले का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। यशार्थ को अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता मिली है। यशार्थ भले ही दिल्ली में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उनकी शुरुआती पढ़ाई राजधानी लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पूरी हुई है।
नगर के सिटी मांटेसरी स्कूल और प्रतिष्ठित लामार्टिनियर कॉलेज से यशार्थ ने शुरुआती पढ़ाई की है। उसके बाद वे आगे की पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए।
यशार्थ के पिता जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह अपने सेवाकाल के दौरान लखनऊ में भी तैनात रहे। जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह ने बताया कि यशार्थ की प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उनके सेवा स्थान पर ही हुई।
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यशार्थ ने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से अर्थशास्त्र ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। दिल्ली में ही यशार्थ ने यूपीएससी की तैयारी की। दूसरे प्रयास में ही यशार्थ को देश में 12वीं रैंक मिली है। मूल रूप से ग्राम सिजवाही जिला हमीरपुर के रहने वाले लल्लू सिंह ने बताया कि उनके दो बच्चों में यशार्थ बड़ा है। उनकी बेटी अनन्या दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। यशार्थ को घूमना पसंद है, वे जहां जहां भी तैनाती पर रहे, यशार्थ ने उन शहरों की यादें खूब संजो रखी हैं।
यशार्थ की सफलता से खुश उनकी मां शांति सिंह ने कहा कि बेटे ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। यशार्थ की सफलता पर एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट विनोद कुमार पंचम, विशेष न्यायाधीश पाक्सो महेंद्र कुमार सहित तमाम न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वकील आदि ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
परिजनों ने बताया कि सिविल सेवा में जाने का सपना यशार्थ ने राजधानी के नामी स्कूलों की पढ़ाई के दौरान ही देखा था। यशार्थ की शुरुआती पढ़ाई सिटी मांटेसरी स्कूल और प्रतिष्ठित लामार्टिनियर कॉलेज से हुई है। इसी दौरान ही उसने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली गया। जहां सेंट स्टीफेन कॉलेज में जाकर दाखिला लिया। बाद में वहां रहकर सिविल सेवा की तैयारी की। यशार्थ के चयन के बाद उनके अभिभावकों के पास हमीरपुर ही नहीं, बांदा आदि जगहों पर रह रहे रिश्तेदारों के भी फोन घनघनाने शुरू हो गए। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला जज को बेटे की सफलता पर बधाईयां दी हैं।
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नगर के सिटी मांटेसरी स्कूल और प्रतिष्ठित लामार्टिनियर कॉलेज से यशार्थ ने शुरुआती पढ़ाई की है। उसके बाद वे आगे की पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए।
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यशार्थ के पिता जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह अपने सेवाकाल के दौरान लखनऊ में भी तैनात रहे। जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह ने बताया कि यशार्थ की प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उनके सेवा स्थान पर ही हुई।
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यशार्थ ने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से अर्थशास्त्र ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। दिल्ली में ही यशार्थ ने यूपीएससी की तैयारी की। दूसरे प्रयास में ही यशार्थ को देश में 12वीं रैंक मिली है। मूल रूप से ग्राम सिजवाही जिला हमीरपुर के रहने वाले लल्लू सिंह ने बताया कि उनके दो बच्चों में यशार्थ बड़ा है। उनकी बेटी अनन्या दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। यशार्थ को घूमना पसंद है, वे जहां जहां भी तैनाती पर रहे, यशार्थ ने उन शहरों की यादें खूब संजो रखी हैं।
यशार्थ की सफलता से खुश उनकी मां शांति सिंह ने कहा कि बेटे ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। यशार्थ की सफलता पर एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट विनोद कुमार पंचम, विशेष न्यायाधीश पाक्सो महेंद्र कुमार सहित तमाम न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वकील आदि ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
परिजनों ने बताया कि सिविल सेवा में जाने का सपना यशार्थ ने राजधानी के नामी स्कूलों की पढ़ाई के दौरान ही देखा था। यशार्थ की शुरुआती पढ़ाई सिटी मांटेसरी स्कूल और प्रतिष्ठित लामार्टिनियर कॉलेज से हुई है। इसी दौरान ही उसने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली गया। जहां सेंट स्टीफेन कॉलेज में जाकर दाखिला लिया। बाद में वहां रहकर सिविल सेवा की तैयारी की। यशार्थ के चयन के बाद उनके अभिभावकों के पास हमीरपुर ही नहीं, बांदा आदि जगहों पर रह रहे रिश्तेदारों के भी फोन घनघनाने शुरू हो गए। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला जज को बेटे की सफलता पर बधाईयां दी हैं।