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प्रत्येक मतदेय स्थल पर 1200 वोटरों की होगी संख्या
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बलरामपुर। जिले के प्रत्येक मतदेय स्थल पर सिर्फ 1200 वोटरों की संख्या होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम श्रुति ने जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम को मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। सभी मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन बीते दिन से शुरू कर दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली की तरफ से आदेश जारी किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश लखनऊ की तरफ से मतदेय स्थलों का विभाजन करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार अब मतदेय स्थलों का अधिकतम 1200 वोटरों का मानक बनाकर विभाजन किया जाएगा। विभाजन के संबंध में तीनों तहसीलों के एसडीएम को दो से 17 अगस्त तक मतदेय स्थल बनाने के लिए भवनों का चयन, भवनों का भौतिक सत्यापन का कार्य पूरा करने का जिम्मा सौंपा गया है। 21 अगस्त को मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन के बाद मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
आगामी 23 अगस्त को आपत्तियों एवं सुझावों के लिए मतदेय स्थलों की सूची प्रकाशित की जाएगी और वर्तमान मतदेय स्थलों के संशोधन संबंधी प्रस्ताव की प्रति राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। सात सितंबर को वर्तमान सांसद, एमएलए व मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर शिकायतों व सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 15 सितंबर को कंट्रोल टेबुल की इंट्री की जाएगी। विधानसभा क्षेत्रवार सभी संलग्नक सहित मतदेय स्थलों की सूची को 20 सितंबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा।
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मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदेय स्थलों के प्रस्ताव अनुमोदन के लिए 25 सितंबर को आयोग को सूचना दी जाएगी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के ऐसे मतदेय स्थलों जहां 1200 से अधिक मतदाता है उसे विभाजित कर एक नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। मतदेय स्थलों का संभाजन केंद्र व उससे संबद्ध किए जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन का कार्य तीनों तहसीलों के एसडीएम कराएंगे। भवन के सत्यापन के साथ यह देखा जाएगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास भवन के आसपास है। तीनों तहसीलों के एसडीएम को मतदेय स्थलों का सत्यापन करने के लिए अधिकृत किया गया है।
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डीएम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार अब मतदेय स्थलों का अधिकतम 1200 वोटरों का मानक बनाकर विभाजन किया जाएगा। विभाजन के संबंध में तीनों तहसीलों के एसडीएम को दो से 17 अगस्त तक मतदेय स्थल बनाने के लिए भवनों का चयन, भवनों का भौतिक सत्यापन का कार्य पूरा करने का जिम्मा सौंपा गया है। 21 अगस्त को मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन के बाद मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
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आगामी 23 अगस्त को आपत्तियों एवं सुझावों के लिए मतदेय स्थलों की सूची प्रकाशित की जाएगी और वर्तमान मतदेय स्थलों के संशोधन संबंधी प्रस्ताव की प्रति राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। सात सितंबर को वर्तमान सांसद, एमएलए व मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर शिकायतों व सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 15 सितंबर को कंट्रोल टेबुल की इंट्री की जाएगी। विधानसभा क्षेत्रवार सभी संलग्नक सहित मतदेय स्थलों की सूची को 20 सितंबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा।
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मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदेय स्थलों के प्रस्ताव अनुमोदन के लिए 25 सितंबर को आयोग को सूचना दी जाएगी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के ऐसे मतदेय स्थलों जहां 1200 से अधिक मतदाता है उसे विभाजित कर एक नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। मतदेय स्थलों का संभाजन केंद्र व उससे संबद्ध किए जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन का कार्य तीनों तहसीलों के एसडीएम कराएंगे। भवन के सत्यापन के साथ यह देखा जाएगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास भवन के आसपास है। तीनों तहसीलों के एसडीएम को मतदेय स्थलों का सत्यापन करने के लिए अधिकृत किया गया है।