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Balrampur News: पुश्तैनी जमीन बचाने को थारू समाज के ग्रामीणों ने लगाई गुहार
Fri, 22 May 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 22 May 2026 11:07 PM IST
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फोटो-27-बलरामपुर के देवीपाटन में महंत से शिकायत करने पहुंचे थारू समाज के लोग ।-संवाद
तुलसीपुर। तहसील क्षेत्र के ग्राम बेतहनिया कन्हईडीह के थारू जनजाति के ग्रामीणों ने अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि पर कथित अवैध हस्तक्षेप रोकने के लिए आवाज बुलंद की। ग्रामीणों ने शुक्रवार को शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचकर पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी को अपनी समस्या बताकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र सौंपा।
ग्रामीण भग्गन, रीमा, राम किशन, राम करन, जानकी, मंगल, मीना, उमा देवी, रीना व जगतपाल आदि का कहना है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि को वर्षों पहले सिंचाई विभाग ने बंधा निर्माण के लिए अधिग्रहित किया था, लेकिन मौके पर आज तक कोई बंधा नहीं बनाया गया। इसके चलते गांव के लोग अपने पूर्वजों के समय से ही उस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन यही खेती है और इसके अलावा उनके पास कोई अन्य कृषि योग्य भूमि नहीं है। वर्तमान समय में खेतों में उनकी फसलें तैयार हैं और वे लगातार खेती कर रहे हैं। ऐसे में यदि भूमि पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप होता है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी पुश्तैनी जमीन पर खेती जारी रखने की मांग की। पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने ग्रामीणों की समस्या को सुना और तत्काल जिलाधिकारी से वार्ता कर पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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ग्रामीण भग्गन, रीमा, राम किशन, राम करन, जानकी, मंगल, मीना, उमा देवी, रीना व जगतपाल आदि का कहना है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि को वर्षों पहले सिंचाई विभाग ने बंधा निर्माण के लिए अधिग्रहित किया था, लेकिन मौके पर आज तक कोई बंधा नहीं बनाया गया। इसके चलते गांव के लोग अपने पूर्वजों के समय से ही उस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन यही खेती है और इसके अलावा उनके पास कोई अन्य कृषि योग्य भूमि नहीं है। वर्तमान समय में खेतों में उनकी फसलें तैयार हैं और वे लगातार खेती कर रहे हैं। ऐसे में यदि भूमि पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप होता है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी पुश्तैनी जमीन पर खेती जारी रखने की मांग की। पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने ग्रामीणों की समस्या को सुना और तत्काल जिलाधिकारी से वार्ता कर पूरे मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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