{"_id":"6776dae4e367ba63f5038d23","slug":"upgradation-of-sncu-ward-24-newborns-can-be-admitted-instead-of-12-balrampur-news-c-99-1-brp1003-119106-2025-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: एसएनसीयू वार्ड का उच्चीकरण, 12 की जगह 24 नवजात हो सकेंगे भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: एसएनसीयू वार्ड का उच्चीकरण, 12 की जगह 24 नवजात हो सकेंगे भर्ती
Thu, 02 Jan 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर के जिला महिला अस्पताल में बना एसएनसीयू वार्ड।
बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल के सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) वार्ड का उच्चीकरण किया गया है। अब यहां 12 की जगह 24 नवजातों को भर्ती करने की सुविधा मिलेगी। अब नवजात के बीमार होने पर जिलेवासियों को दूसरे जिलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
गंभीर स्थिति में पैदा होने वाले नवजातों के लिए एसएनसीयू वार्ड की आवश्यकता पड़ती है। अक्सर देखा जाता है कि पैदा होने के बाद एक महीने तक नवजातों को सांस लेने में दिक्कत होती है या मानक के अनुरूप कम वजन रहता है। ऐसे उन्हें इस वार्ड में भर्ती किया जाता है। पहले जिला महिला अस्पताल में 12 बेड की क्षमता का एसएनसीयू वार्ड था। यहां भर्ती होने वाले नवजातों की संख्या हमेशा ज्यादा रहती थी। वार्ड फुल होने के बाद अधिकांश अभिभावकों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता था।
इस समस्या को देखते हुए अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड का उच्चीकरण किया गया है। वार्ड की क्षमता दोगुनी हो गई है। इससे ज्यादा से ज्यादा नवजातों को इलाज की सुविधा मिलेगी और शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमन दत्त ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर वार्ड की क्षमता बढ़ाई गई है। अब यहां 24 नवजातों के भर्ती होने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
गंभीर स्थिति में पैदा होने वाले नवजातों के लिए एसएनसीयू वार्ड की आवश्यकता पड़ती है। अक्सर देखा जाता है कि पैदा होने के बाद एक महीने तक नवजातों को सांस लेने में दिक्कत होती है या मानक के अनुरूप कम वजन रहता है। ऐसे उन्हें इस वार्ड में भर्ती किया जाता है। पहले जिला महिला अस्पताल में 12 बेड की क्षमता का एसएनसीयू वार्ड था। यहां भर्ती होने वाले नवजातों की संख्या हमेशा ज्यादा रहती थी। वार्ड फुल होने के बाद अधिकांश अभिभावकों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता था।
विज्ञापन
इस समस्या को देखते हुए अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड का उच्चीकरण किया गया है। वार्ड की क्षमता दोगुनी हो गई है। इससे ज्यादा से ज्यादा नवजातों को इलाज की सुविधा मिलेगी और शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमन दत्त ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर वार्ड की क्षमता बढ़ाई गई है। अब यहां 24 नवजातों के भर्ती होने की सुविधा मिलेगी।