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UP: बलरामपुर में 613 परिषदीय विद्यालयों से टैबलेट गायब, जांच शुरू, एक साल पहले दिए गए थे
Tue, 16 Jun 2026 11:17 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:17 PM IST
सार
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से टैबलेट वितरित किए गए थे। इनका उपयोग शिक्षकों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शैक्षिक सामग्री के संचालन, विभागीय एप्लिकेशन और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में करना था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध कराए गए 613 टैबलेट गायब हो गए हैं। विभागीय समीक्षा में इस पर सवाल खड़े हुए तो मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से टैबलेट वितरित किए गए थे। इनका उपयोग शिक्षकों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शैक्षिक सामग्री के संचालन, विभागीय एप्लिकेशन और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में करना था।
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इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट रिचार्ज और अन्य आवश्यक खर्च करने के निर्देश भी दिए गए थे। हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा में पता चला कि 613 टैबलेटों की कोई जानकारी नहीं है। कहीं ये खराब पड़े हैं, कहीं विद्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं और कई स्थानों पर तो उनके उपयोग का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। अपर परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को जानकारी करके पूरी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से टैबलेट वितरित किए गए थे। इनका उपयोग शिक्षकों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शैक्षिक सामग्री के संचालन, विभागीय एप्लिकेशन और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में करना था।
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इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट रिचार्ज और अन्य आवश्यक खर्च करने के निर्देश भी दिए गए थे। हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा में पता चला कि 613 टैबलेटों की कोई जानकारी नहीं है। कहीं ये खराब पड़े हैं, कहीं विद्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं और कई स्थानों पर तो उनके उपयोग का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। अपर परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को जानकारी करके पूरी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।