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Balrampur News: समझौते से निपटेंगे बैंक ऋण और वसूली के मामले
Wed, 02 Sep 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:09 PM IST
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फोटो-30-बलरामपुर के प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में मौजूद बैंक अधिकारी ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण और वसूली से जुड़े मामलों का अधिकाधिक निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बैंक अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में लोक अदालत के नोडल अधिकारी सुमित प्रेमी ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋण, ऋण वसूली, बकाया धनराशि समेत ऐसे सभी प्रकरणों को चिह्नित किया जाए, जिनका निस्तारण पक्षकारों की आपसी सहमति से संभव है। उन्होंने लोक अदालत के लिए चिह्नित प्रकरणों की सूची समय से उपलब्ध कराने और संबंधित अभिलेख तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बैंक अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने कहा कि बैंक ऋण से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने पर पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है।
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उन्होंने बैंक अधिकारियों से लंबित मामलों को 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
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बैठक में लोक अदालत के नोडल अधिकारी सुमित प्रेमी ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋण, ऋण वसूली, बकाया धनराशि समेत ऐसे सभी प्रकरणों को चिह्नित किया जाए, जिनका निस्तारण पक्षकारों की आपसी सहमति से संभव है। उन्होंने लोक अदालत के लिए चिह्नित प्रकरणों की सूची समय से उपलब्ध कराने और संबंधित अभिलेख तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
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बैठक में बैंक अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने कहा कि बैंक ऋण से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने पर पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है।
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उन्होंने बैंक अधिकारियों से लंबित मामलों को 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।