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Balrampur News: एजुकेटर पद पर भर्ती के लिए वसूली में दो गिरफ्तार
Mon, 25 May 2026 10:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 25 May 2026 10:39 PM IST
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फोटो-4-बलरामपुर के एसपी कार्यालय में मौजूद पकड़े गए अभियुक्त ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर पद पर भर्ती प्रक्रिया के दौरान चयन कराने और नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर रुपये मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। देहात पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दो चयनित अभ्यर्थियों को फोन कर नौकरी पक्की कराने के नाम पर धन उगाही की गई थी।
पुलिस ने वसूली करने वाले पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रजडेरवा गांव निवासी जितेंद्र यादव और लखनऊ के मकान नंबर-3, हाईकोर्ट कंपाउंड जगतनरायन सड़क थाना वजीरगंज निवासी आयुष सिंह को गिरफ्तार किया है। आयुष वर्तमान समय में लखनऊ में ही चौपटिया में रह रहा था।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो कई अहम जानकारियां सामने आईं। गिरफ्तार आरोपितों के पास से वसूली में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों से ठगी के प्रयास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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पुलिस के अनुसार 23 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक प्रार्थना पत्र भेजा गया था। इसमें पहलवारा निवासी कामता प्रसाद ने शिकायत की थी कि ईसीसी एजुकेटर के रिक्त पदों पर दक्षता परीक्षण के बाद चयन प्रक्रिया के नाम पर उनसे लगातार फोन कर रुपये मांगे जा रहे हैं।
शिकायत में बताया गया था कि अभ्यर्थियों को यह भरोसा दिलाया जा रहा था कि रुपये देने पर उनका चयन सुनिश्चित करा दिया जाएगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को दो आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लखनऊ स्थित एक संस्था में कार्यरत थे। उक्त संस्था को बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर पदों के लिए अभ्यर्थियों के सत्यापन और चयन प्रक्रिया से जुड़ा कार्य सौंपा गया था।
संस्था को यह जिम्मेदारी जेम पोर्टल के माध्यम से मिली थी। आरोपितों ने बताया कि उन्हें बलरामपुर में चयनित अभ्यर्थियों के सत्यापन का कार्य दिया गया था। इसी प्रक्रिया की आड़ में उन्होंने अभ्यर्थियों से संपर्क करना शुरू किया और चयन कराने के नाम पर धन की मांग करने लगे।
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पुलिस ने वसूली करने वाले पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रजडेरवा गांव निवासी जितेंद्र यादव और लखनऊ के मकान नंबर-3, हाईकोर्ट कंपाउंड जगतनरायन सड़क थाना वजीरगंज निवासी आयुष सिंह को गिरफ्तार किया है। आयुष वर्तमान समय में लखनऊ में ही चौपटिया में रह रहा था।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो कई अहम जानकारियां सामने आईं। गिरफ्तार आरोपितों के पास से वसूली में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों से ठगी के प्रयास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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पुलिस के अनुसार 23 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक प्रार्थना पत्र भेजा गया था। इसमें पहलवारा निवासी कामता प्रसाद ने शिकायत की थी कि ईसीसी एजुकेटर के रिक्त पदों पर दक्षता परीक्षण के बाद चयन प्रक्रिया के नाम पर उनसे लगातार फोन कर रुपये मांगे जा रहे हैं।
शिकायत में बताया गया था कि अभ्यर्थियों को यह भरोसा दिलाया जा रहा था कि रुपये देने पर उनका चयन सुनिश्चित करा दिया जाएगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को दो आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लखनऊ स्थित एक संस्था में कार्यरत थे। उक्त संस्था को बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर पदों के लिए अभ्यर्थियों के सत्यापन और चयन प्रक्रिया से जुड़ा कार्य सौंपा गया था।
संस्था को यह जिम्मेदारी जेम पोर्टल के माध्यम से मिली थी। आरोपितों ने बताया कि उन्हें बलरामपुर में चयनित अभ्यर्थियों के सत्यापन का कार्य दिया गया था। इसी प्रक्रिया की आड़ में उन्होंने अभ्यर्थियों से संपर्क करना शुरू किया और चयन कराने के नाम पर धन की मांग करने लगे।