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Balrampur News: सत्यापन के फेर में फंसा 600 गरीबों का इलाज
Mon, 27 Mar 2023 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 27 Mar 2023 12:02 AM IST
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बलरामपुर। गरीब मरीजों के इलाज के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना जिले में प्रभावी नहीं हो पा रही है। गोल्डन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले 600 से अधिक लाभार्थियों का प्रस्ताव एक माह से सत्यापन में फंसा हुआ है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाभार्थी नि:शुल्क इलाज पाने के लिए अस्पताल व सीएमओ कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
आयुष्मान योजना में जिले के कुल 1,64,648 परिवार पंजीकृत हैं। इन परिवारों में कुल 7,30, 824 सदस्य हैं। 2,50,148 लोगों का गोल्डन कार्ड मिल चुका है। जबकि 600 से अधिक ने आवेदन किया लेकिन अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि एक महीने से इनका सत्यापन नहीं हो सका है।
उतरौला में रहने वाले विनीत कुमार कश्यप बताते हैं कि पूरे परिवार का नाम आयुष्मान की सूची में है, लेकिन गोल्डन कार्ड न बनने के कारण बेटे का मुफ्त ऑपरेशन नहीं हो सका। ऐसे में एक लाख 85 हजार रुपये कर्ज लेकर लखनऊ में बेटे की कमर का ऑपरेशन कराना पड़ा। राजेंद्र व छोटे ने बताया कि पिता की पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए एक माह पहले गोल्डन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक कार्ड नहीं बन सका है।
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ऑन लाइन प्रस्ताव भेजे जाने के बाद इंप्लीमेंटेशन सपोर्टिंग एजेंसी आइएसए को 72 घंटे में प्रस्ताव की जांच कर उसका निस्तारण कराना होता है। इसमें एजेंसी अभिलेख सही होने पर गोल्डन कार्ड बनाने को स्वीकृत दे देती है, कोई भी कमी मिलने पर नोट लगाकर आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।
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आयुष्मान योजना में जिले के कुल 1,64,648 परिवार पंजीकृत हैं। इन परिवारों में कुल 7,30, 824 सदस्य हैं। 2,50,148 लोगों का गोल्डन कार्ड मिल चुका है। जबकि 600 से अधिक ने आवेदन किया लेकिन अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि एक महीने से इनका सत्यापन नहीं हो सका है।
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उतरौला में रहने वाले विनीत कुमार कश्यप बताते हैं कि पूरे परिवार का नाम आयुष्मान की सूची में है, लेकिन गोल्डन कार्ड न बनने के कारण बेटे का मुफ्त ऑपरेशन नहीं हो सका। ऐसे में एक लाख 85 हजार रुपये कर्ज लेकर लखनऊ में बेटे की कमर का ऑपरेशन कराना पड़ा। राजेंद्र व छोटे ने बताया कि पिता की पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए एक माह पहले गोल्डन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक कार्ड नहीं बन सका है।
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ऑन लाइन प्रस्ताव भेजे जाने के बाद इंप्लीमेंटेशन सपोर्टिंग एजेंसी आइएसए को 72 घंटे में प्रस्ताव की जांच कर उसका निस्तारण कराना होता है। इसमें एजेंसी अभिलेख सही होने पर गोल्डन कार्ड बनाने को स्वीकृत दे देती है, कोई भी कमी मिलने पर नोट लगाकर आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।