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Balrampur News: मेडिकल कॉलेज के सभी कमरों में हों फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यवस्था
Fri, 13 Dec 2024 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 13 Dec 2024 12:02 AM IST
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बलरामपुर। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) बलरामपुर के नवागत प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने अग्निशमन यंत्रों की गुणवत्ता परखी। मेडिकल कॉलेज के सभी कमरों में फायर सेफ्टी सिस्टम की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने छह मंजिला मेडिकल कॉलेज के सभी कमरों का निरीक्षण बृहस्पतिवार को किया। निरीक्षण के दौरान आग से बचाव के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्रों व फायर सेफ्टी सिस्टम की गुणवत्ता परखी। कार्यदायी संस्था के सीनियर फोरमैन से आग से बचाव के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं, उसके बारे में जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने संयुक्त जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के संसाधनों को देखा। अस्पताल में ज्वलनशील पदार्थ व खराब गुणवत्ता वाले लकड़ी के फर्नीचर को नियमानुसार कबाड़ घोषित करके अस्पताल से बाहर रखवाने का निर्देश दिया। कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में आग की बड़ी घटना होने के बाद शासन स्तर से विशेष सावधानी बरती जा रही है। ऐसे में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अनुसार सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। प्रधानाचार्य ने चिकित्सकों को बाहर की दवा व जांच भी न लिखने का निर्देश दिया। कहा कि मरीजों को सरकारी सेवाओं का लाभ दिया जाए। अस्पताल में जो भी दवाएं न हो, उसके लिए पहले ही डिमांड भेजा जाए।
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उन्होंने छह मंजिला मेडिकल कॉलेज के सभी कमरों का निरीक्षण बृहस्पतिवार को किया। निरीक्षण के दौरान आग से बचाव के लिए लगाए गए अग्निशमन यंत्रों व फायर सेफ्टी सिस्टम की गुणवत्ता परखी। कार्यदायी संस्था के सीनियर फोरमैन से आग से बचाव के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं, उसके बारे में जानकारी ली।
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इसके बाद उन्होंने संयुक्त जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के संसाधनों को देखा। अस्पताल में ज्वलनशील पदार्थ व खराब गुणवत्ता वाले लकड़ी के फर्नीचर को नियमानुसार कबाड़ घोषित करके अस्पताल से बाहर रखवाने का निर्देश दिया। कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में आग की बड़ी घटना होने के बाद शासन स्तर से विशेष सावधानी बरती जा रही है। ऐसे में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अनुसार सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। प्रधानाचार्य ने चिकित्सकों को बाहर की दवा व जांच भी न लिखने का निर्देश दिया। कहा कि मरीजों को सरकारी सेवाओं का लाभ दिया जाए। अस्पताल में जो भी दवाएं न हो, उसके लिए पहले ही डिमांड भेजा जाए।