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Balrampur News: जुलूस ए गौसिया में बुलंद हुआ या गौस अल मदद का नारा
Sat, 28 Oct 2023 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 28 Oct 2023 12:26 AM IST
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बलरामपुर में निकाली गई जुलूस-ए-गौसिया में शामिल मौलाना।
बलरामपुर। अल्लाह के प्यारे वली सरकार गौस ए आजम शेख अब्दुल कादिर जिलानी रहमत उल्लाह अलैह की याद में ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर जुलूस- ए-गौसिया धूमधाम से निकाला गया। बृहस्पतिवार की रात उलेमाओं की अगुवाई में निकले जुलूस-ए-गौसिया में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान पूरा माहौल या गौस अल मदद के नारों से गूंजता रहा।
जगह-जगह एकत्रित अकीदतमंदों ने जुलूस का स्वागत किया जबकि उलेमाओं ने मुल्क की तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। मोहल्ला नौशहरा स्थित बड़ी ईदगाह से जुलूस-ए-गौसिया शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी, सैय्यद अहमद रजा कादरी, मौलाना मोहम्मद उमर, कारी फरियाद, कारी इक़रार, मौलाना कासिम अख्तर व मौलाना शाहिद आदि उलेमाओं की अगुवाई में निकला। जुलूस बड़ी ईदगाह से निकल कर वीर विनय चौराहा पहुंचा, यहां पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष इशरत जमाल की ओर से उनके पुत्र इकबाल जावेद, समर जावेद व शहज़र जावेद ने सहयोगियों के साथ जुलूस की अगुवाई कर रहे उलेमाओ को अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
जुलूस सराय फाटक होते हुए पन्ना लाल मार्केट के पास पहुचा, यहां पर पूर्व चेयरमैन किताबुन्निशा के प्रतिनिधि शाबान अली, शफीफ अहमद व तारिक पठान आदि उलेमाओ को साफा पहनाकर स्वागत किया। जुलूस चौक, गर्ल्स कॉलेज चौराहा व बलुहा पुलिस चौकी, गदुरहवा, पानी टंकी व मजीद मोड़ से होते हुए सराय फाटक पहुंचा। यहां पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुल्क की तरक्की, कौम की सलामती एवं अमन-चैन के लिए दुआ मांगी।
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पेश की आपसी एकता एवं सौहार्द की मिसाल
बड़े पुल चौराहे पर सजा दुर्गा पूजा पांडाल व जुलूस-ए-गौसिया को लेकर प्रशासन काफी ऊहापोह की स्थिति में था। प्रशासन की तरफ से इसे लेकर हिंदू-मुस्लिम धर्म के संभ्रांत लोगों की बैठक भी बुलाई गई। प्रशासन ने दोनों धर्म के लोगों से मिल जुलकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील भी की।
मुस्लिम धर्मगुरु सैय्यद अहमद रजा एवं पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि शाबान अली ने प्रशासन की अपील पर जुलूस मार्ग बदलने का निर्णय लिया। नव दुर्गा श्रृंगार समिति बड़ा पुल के पदाधिकारियों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि सिर्फ उलेमा ही मजार पर जाकर फातिहा पढ़कर वापस आ लौट जाएंगे। उलेमाओं के पहुंचने पर जिस माइक से जवाबी कीर्तन चल रहा था, उसी माइक से उन्होंने सलातोसलाम पढ़ी।
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जगह-जगह एकत्रित अकीदतमंदों ने जुलूस का स्वागत किया जबकि उलेमाओं ने मुल्क की तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। मोहल्ला नौशहरा स्थित बड़ी ईदगाह से जुलूस-ए-गौसिया शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी, सैय्यद अहमद रजा कादरी, मौलाना मोहम्मद उमर, कारी फरियाद, कारी इक़रार, मौलाना कासिम अख्तर व मौलाना शाहिद आदि उलेमाओं की अगुवाई में निकला। जुलूस बड़ी ईदगाह से निकल कर वीर विनय चौराहा पहुंचा, यहां पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष इशरत जमाल की ओर से उनके पुत्र इकबाल जावेद, समर जावेद व शहज़र जावेद ने सहयोगियों के साथ जुलूस की अगुवाई कर रहे उलेमाओ को अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
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जुलूस सराय फाटक होते हुए पन्ना लाल मार्केट के पास पहुचा, यहां पर पूर्व चेयरमैन किताबुन्निशा के प्रतिनिधि शाबान अली, शफीफ अहमद व तारिक पठान आदि उलेमाओ को साफा पहनाकर स्वागत किया। जुलूस चौक, गर्ल्स कॉलेज चौराहा व बलुहा पुलिस चौकी, गदुरहवा, पानी टंकी व मजीद मोड़ से होते हुए सराय फाटक पहुंचा। यहां पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुल्क की तरक्की, कौम की सलामती एवं अमन-चैन के लिए दुआ मांगी।
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पेश की आपसी एकता एवं सौहार्द की मिसाल
बड़े पुल चौराहे पर सजा दुर्गा पूजा पांडाल व जुलूस-ए-गौसिया को लेकर प्रशासन काफी ऊहापोह की स्थिति में था। प्रशासन की तरफ से इसे लेकर हिंदू-मुस्लिम धर्म के संभ्रांत लोगों की बैठक भी बुलाई गई। प्रशासन ने दोनों धर्म के लोगों से मिल जुलकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील भी की।
मुस्लिम धर्मगुरु सैय्यद अहमद रजा एवं पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि शाबान अली ने प्रशासन की अपील पर जुलूस मार्ग बदलने का निर्णय लिया। नव दुर्गा श्रृंगार समिति बड़ा पुल के पदाधिकारियों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि सिर्फ उलेमा ही मजार पर जाकर फातिहा पढ़कर वापस आ लौट जाएंगे। उलेमाओं के पहुंचने पर जिस माइक से जवाबी कीर्तन चल रहा था, उसी माइक से उन्होंने सलातोसलाम पढ़ी।