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पहले दिन कई परिषदीय स्कूलों के नहीं खुले ताले
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बलरामपुर। पहले दिन जिले के आधे परिषदीय स्कूलों के ताले नहीं खुले। बीएसए के फरमान के बाद भी स्कूलों को खोलने में घोर लापरवाही बरती गई। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिला व ब्लॉक स्तरीय टॉस्क फोर्स के साथ-साथ बीईओ व जिला समन्वयकों से औचक निरीक्षण कराया गया।
अमर उजाला टीम के गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मटेहना पहुंचने पर खुला पाया गया। सभी स्टॉफ उपस्थित मिले। हेडमास्टर बिट्टो रानी ने बताया कि बीएसए के निर्देश पर स्कूल खोला गया है। नियमित स्कूल खोलकर शिक्षण के साथ-साथ अन्य कार्यों को पूरा करेंगे।
शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर में अमर उजाला टीम के पहुंचने पर ताला लटकता हुआ पाया गया। स्टॉफ के न मिलने से स्कूल खोलने व बंद होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। टीम के सदस्य ने स्कूल बंद होने के बारे में बीईओ को फोन से अवगत कराया।
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अमर उजाला टीम ने इसी तरह सभी शिक्षा क्षेत्रों में मौका मुआयना किया। शिक्षा क्षेत्र गैसड़ी का पूर्व माध्यमिक विद्यालय लालपुर मटेहना खुला पाया गया। हेडमास्टर अनुपस्थित पाई गईं। इसी तरह तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय महराजगंज तराई, प्राथमिक विद्यालय सिंगाही, तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय बदलपुर, प्राथमिक विद्यालय बदलपुर प्रथम, शिवपुरा शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बेलभरिया खुला पाया गया।
गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पुरैना, प्राथमिक विद्यालय कुशहवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय करेली व तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय छतुआपुर व हिसामपुर में ताला लटकता हुआ पाया गया। अनुमान के अनुसार पहले दिन आधे विद्यालयों के ताले नहीं खुले।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि उन्होंने सभी हेडमास्टरों, प्रभारी हेडमास्टरों, शिक्षकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को एक जुलाई से स्कूल खोलने और भौतिक संसाधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ साफ सफाई का निर्देश दिया था। कोरोना महामारी के चलते 100 दिनों से स्कूल बंद रहे। निदेशालय से बीआरसी व स्कूलों का ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट टीम जिले में पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते बच्चों के खातों को डीबीटी माड्यूल पर फीड कराने, खाद्य सुरक्षा भत्ते के तहत एमडीएम से मिलने वाले खाद्यान्न व परिवर्तन लागत का प्रेषण, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बचे कार्यों को पूरा कराने का भी जिम्मा सौंपा गया है। जिला व ब्लॉक स्तरीय टॉस्क फोर्स के साथ-साथ बीईओ व जिला समन्वयकों की टीमें भी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रही हैं।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में पौधरोपण के साथ-साथ पोषण वाटिका तैयार कराने, डिजिटल माध्यम से पठन-पाठन करान की दिशा में भी बीएसए ने सभी से अपील की है।
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अमर उजाला टीम के गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मटेहना पहुंचने पर खुला पाया गया। सभी स्टॉफ उपस्थित मिले। हेडमास्टर बिट्टो रानी ने बताया कि बीएसए के निर्देश पर स्कूल खोला गया है। नियमित स्कूल खोलकर शिक्षण के साथ-साथ अन्य कार्यों को पूरा करेंगे।
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शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर में अमर उजाला टीम के पहुंचने पर ताला लटकता हुआ पाया गया। स्टॉफ के न मिलने से स्कूल खोलने व बंद होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। टीम के सदस्य ने स्कूल बंद होने के बारे में बीईओ को फोन से अवगत कराया।
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अमर उजाला टीम ने इसी तरह सभी शिक्षा क्षेत्रों में मौका मुआयना किया। शिक्षा क्षेत्र गैसड़ी का पूर्व माध्यमिक विद्यालय लालपुर मटेहना खुला पाया गया। हेडमास्टर अनुपस्थित पाई गईं। इसी तरह तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय महराजगंज तराई, प्राथमिक विद्यालय सिंगाही, तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय बदलपुर, प्राथमिक विद्यालय बदलपुर प्रथम, शिवपुरा शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बेलभरिया खुला पाया गया।
गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पुरैना, प्राथमिक विद्यालय कुशहवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय करेली व तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय छतुआपुर व हिसामपुर में ताला लटकता हुआ पाया गया। अनुमान के अनुसार पहले दिन आधे विद्यालयों के ताले नहीं खुले।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि उन्होंने सभी हेडमास्टरों, प्रभारी हेडमास्टरों, शिक्षकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को एक जुलाई से स्कूल खोलने और भौतिक संसाधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ साफ सफाई का निर्देश दिया था। कोरोना महामारी के चलते 100 दिनों से स्कूल बंद रहे। निदेशालय से बीआरसी व स्कूलों का ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट टीम जिले में पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते बच्चों के खातों को डीबीटी माड्यूल पर फीड कराने, खाद्य सुरक्षा भत्ते के तहत एमडीएम से मिलने वाले खाद्यान्न व परिवर्तन लागत का प्रेषण, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बचे कार्यों को पूरा कराने का भी जिम्मा सौंपा गया है। जिला व ब्लॉक स्तरीय टॉस्क फोर्स के साथ-साथ बीईओ व जिला समन्वयकों की टीमें भी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रही हैं।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में पौधरोपण के साथ-साथ पोषण वाटिका तैयार कराने, डिजिटल माध्यम से पठन-पाठन करान की दिशा में भी बीएसए ने सभी से अपील की है।