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Balrampur News: शहर के जलाशयों का पानी शुद्ध करने की कवायद शुरू
Sun, 27 Aug 2023 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:23 PM IST
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बलरामपुर के पजौवा तालाब का निरीक्षण करती वैज्ञानिक टीम।
बलरामपुर। शक्तिपीठ देवीपाटन स्थित सूर्यकुंड के बाद अब बलरामपुर नगर के जलाशयों का पानी पीने योग्य बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पानी को शुद्ध करने के लिए पहले चरण में नगर के तीन जलाशयों का चयन किया गया है। रविवार को वैज्ञानिकों की टीम ने नगर में पहुंचकर जलाशयों के पानी की जांच की। जलाशयों के पानी को छह माह के अंदर पीने योग्य बनाने का दावा किया गया है।
नगर में पानी की कमी न हो, इसके लिए बलरामपुर राज परिवार की तरफ से प्रमुख मोहल्लों में जलाशय बनवाए गए थे। देखरेख के अभाव व अतिक्रमण के चलते जलाशयों का दायरा जहां सिकुड़ गया है। वहीं, पानी भी पूरी तरह से दूषित हो गया। अब इन जलाशयों को स्वच्छ व निर्मल बनाने की मुहिम नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने शुरू की है।
उन्होंने पहले चरण में नगर के तीन जलाशयों के पानी को शुद्ध करने के लिए बायोटेक्नोलाॅजी के वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है। रविवार को क्वाॅलिटी सोल्यूशन सर्विसेज लखनऊ की टीम के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा, नीतिश राय व तकनीकी विशेषज्ञ मनीष शर्मा ने नगर के मोतीसागर, पजौवा और झारखंडी सरोवर के पानी की शुद्धता जांची।
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बायोटेक्नोलाॅजी के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि वर्षों की शोध के बाद ई-बाल तैयार की गई है। यह ई-बाल बैक्टीरिया और फंगस के मिश्रण से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल कई राज्यों में तालाब व जलाशयों के पानी को शुद्ध करने के लिए किया जा चुका है। इसका परिणाम भी सफल रहा है। अब बलरामपुर में जलाशयों की सफाई का काम शुरू किया गया है। क्षेत्रफल व पानी की शुद्धता की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार ई-बाल डालकर करीब आठ माह के अंदर जलाशय के पानी को पूरी तरह शुद्ध कर दिया जाएगा।
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नगर में पानी की कमी न हो, इसके लिए बलरामपुर राज परिवार की तरफ से प्रमुख मोहल्लों में जलाशय बनवाए गए थे। देखरेख के अभाव व अतिक्रमण के चलते जलाशयों का दायरा जहां सिकुड़ गया है। वहीं, पानी भी पूरी तरह से दूषित हो गया। अब इन जलाशयों को स्वच्छ व निर्मल बनाने की मुहिम नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने शुरू की है।
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उन्होंने पहले चरण में नगर के तीन जलाशयों के पानी को शुद्ध करने के लिए बायोटेक्नोलाॅजी के वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया है। रविवार को क्वाॅलिटी सोल्यूशन सर्विसेज लखनऊ की टीम के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा, नीतिश राय व तकनीकी विशेषज्ञ मनीष शर्मा ने नगर के मोतीसागर, पजौवा और झारखंडी सरोवर के पानी की शुद्धता जांची।
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बायोटेक्नोलाॅजी के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि वर्षों की शोध के बाद ई-बाल तैयार की गई है। यह ई-बाल बैक्टीरिया और फंगस के मिश्रण से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल कई राज्यों में तालाब व जलाशयों के पानी को शुद्ध करने के लिए किया जा चुका है। इसका परिणाम भी सफल रहा है। अब बलरामपुर में जलाशयों की सफाई का काम शुरू किया गया है। क्षेत्रफल व पानी की शुद्धता की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार ई-बाल डालकर करीब आठ माह के अंदर जलाशय के पानी को पूरी तरह शुद्ध कर दिया जाएगा।