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Balrampur News: धार्मिक जुलूस में वाहन सहित 12 फीट से अधिक ऊंची नहीं होगी झांकी
Sun, 27 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:11 PM IST
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बलरामपुर। जिले को ध्वनि प्रदूषण मुक्त, शांत, सुरक्षित और नागरिक अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। जिलाधिकारी और पुलिस विभाग ने सर्वधर्म समभाव, सामाजिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है। इसके तहत धार्मिक शोभायात्राओं और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि एसओपी के तहत धार्मिक आयोजनों में डीजे, डीजे वाहन, ट्रॉली और अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवश्यकता होने पर पूर्व अनुमति लेकर न्यूनतम आवश्यक ध्वनि में पीए या माइक्रोफोन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकेगा। किसी भी शोभायात्रा या जुलूस में वाहन पर स्थापित मूर्ति, झांकी या अन्य संरचना की वाहन सहित कुल ऊंचाई अधिकतम 12 फीट निर्धारित की गई है। इससे अधिक ऊंचाई की संरचना को जुलूस में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान विद्युत आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी। विद्युत विभाग आयोजन से पहले मार्ग का निरीक्षण कर तारों को व्यवस्थित करेगा और उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर रखने की व्यवस्था करेगा। प्रमुख जुलूस और शोभायात्राओं का मार्ग एवं समय पहले से निर्धारित किया जाएगा। आयोजकों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। जुलूस को अनावश्यक रूप से रोकने या निर्धारित समय से अधिक संचालित करने से बचना होगा।
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स्थानीय पुलिस यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करेगी, ताकि चिकित्सालय, विद्यालय और अन्य आवश्यक सेवाओं का आवागमन प्रभावित न हो। डीएम ने कहा कि यह पहल धार्मिक परंपराओं को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक सद्भाव, नागरिकों की शांति, स्वास्थ्य और सुरक्षा को महत्व देने के उद्देश्य से की गई है।
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जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि एसओपी के तहत धार्मिक आयोजनों में डीजे, डीजे वाहन, ट्रॉली और अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवश्यकता होने पर पूर्व अनुमति लेकर न्यूनतम आवश्यक ध्वनि में पीए या माइक्रोफोन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकेगा। किसी भी शोभायात्रा या जुलूस में वाहन पर स्थापित मूर्ति, झांकी या अन्य संरचना की वाहन सहित कुल ऊंचाई अधिकतम 12 फीट निर्धारित की गई है। इससे अधिक ऊंचाई की संरचना को जुलूस में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।
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उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान विद्युत आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी। विद्युत विभाग आयोजन से पहले मार्ग का निरीक्षण कर तारों को व्यवस्थित करेगा और उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर रखने की व्यवस्था करेगा। प्रमुख जुलूस और शोभायात्राओं का मार्ग एवं समय पहले से निर्धारित किया जाएगा। आयोजकों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। जुलूस को अनावश्यक रूप से रोकने या निर्धारित समय से अधिक संचालित करने से बचना होगा।
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स्थानीय पुलिस यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करेगी, ताकि चिकित्सालय, विद्यालय और अन्य आवश्यक सेवाओं का आवागमन प्रभावित न हो। डीएम ने कहा कि यह पहल धार्मिक परंपराओं को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक सद्भाव, नागरिकों की शांति, स्वास्थ्य और सुरक्षा को महत्व देने के उद्देश्य से की गई है।