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पढ़ाई कठिन नहीं, मेहनत व लगन जरूरी
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बलरामपुर। जिलाधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार ने समाज कल्याण विभाग द्वारा नगर में संचालित राजकीय थारु जनजातीय छात्रावास का शनिवार को निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। छात्रावास में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने, छात्रों को अभ्युदय कोचिंग से जोड़ने व मेस की व्यवस्था करने का उन्होंने निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने थारु जनजाति के छात्रों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इंटर के एक छात्र को उन्होंने आईआईटी का एग्जाम देने के लिए प्रेरित किया। छात्र ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कठिन लगती है। इस पर डीएम ने कहा कि कोई भी पढ़ाई कठिन नहीं होती, जरूरत है मेहनत व लगन से पढ़ने की।
छात्रों ने डीएम को बताया कि छात्रावास में मेस नहीं होने से हमें खुद खाना बनाना पड़ता है। डीएम ने छात्रावास में मेस की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने डीएम को बताया कि छात्रावास में 50 छात्रों की क्षमता है, इस समय यहां इंटर व स्नातक की पढ़ाई कर रहे 32 छात्र रह रहे हैं।
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डीएम ने निर्देश दिया कि क्षमता के अनुसार यहां शत-प्रतिशत छात्रों का दाखिला सुनिश्चित किया जाए। छात्रों का दाखिला अभ्युदय कोचिंग में कराया जाए। छात्रावास में रहकर सरकारी नौकरी में जाने वाले छात्रों का प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक छात्र छात्रावास में दाखिला लेने के लिए आएं। उन्होंने शौचालय व वाटर कूलर का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया।
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निरीक्षण के दौरान डीएम ने थारु जनजाति के छात्रों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इंटर के एक छात्र को उन्होंने आईआईटी का एग्जाम देने के लिए प्रेरित किया। छात्र ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कठिन लगती है। इस पर डीएम ने कहा कि कोई भी पढ़ाई कठिन नहीं होती, जरूरत है मेहनत व लगन से पढ़ने की।
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छात्रों ने डीएम को बताया कि छात्रावास में मेस नहीं होने से हमें खुद खाना बनाना पड़ता है। डीएम ने छात्रावास में मेस की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने डीएम को बताया कि छात्रावास में 50 छात्रों की क्षमता है, इस समय यहां इंटर व स्नातक की पढ़ाई कर रहे 32 छात्र रह रहे हैं।
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डीएम ने निर्देश दिया कि क्षमता के अनुसार यहां शत-प्रतिशत छात्रों का दाखिला सुनिश्चित किया जाए। छात्रों का दाखिला अभ्युदय कोचिंग में कराया जाए। छात्रावास में रहकर सरकारी नौकरी में जाने वाले छात्रों का प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक छात्र छात्रावास में दाखिला लेने के लिए आएं। उन्होंने शौचालय व वाटर कूलर का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया।