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Balrampur News: शैक्षिक भ्रमण पर राजकीय संग्रहालय जाएंगे कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी
Sat, 19 Sep 2026 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:41 PM IST
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फोटो-15-बलरामपुर के पचपेड़वा में स्थित थारू संग्राहलय।-संवाद
बलरामपुर। पीएमश्री माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को अब राजकीय संग्रहालयों का शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। आगामी शैक्षिक भ्रमण की योजना तैयार करते समय राजकीय संग्रहालयों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि विद्यार्थियों को अपने जिले अथवा आसपास के जिलों में स्थित राजकीय संग्रहालयों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबों में पढ़ाए जाने वाले इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। संग्रहालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थी वहां प्रदर्शित पुरावशेष, प्राचीन मूर्तियां, ऐतिहासिक सिक्के, पुराने चित्र और अन्य ऐतिहासिक साक्ष्यों को नजदीक से देख सकेंगे।
उन्होंने बताया कि विभाग का मानना है कि संग्रहालयों में मौजूद ऐतिहासिक सामग्री विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ ही उनके ज्ञान को भी समृद्ध करेगी। इससे उन्हें देश और प्रदेश की कला, संस्कृति तथा समृद्ध विरासत को समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय भ्रमण को शैक्षिक गतिविधि के रूप में शामिल करने का निर्णय माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिया है। विभाग के निर्देशानुसार विद्यालयों की शैक्षिक भ्रमण योजना तैयार करते समय इस व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा।
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पचपेड़वा के इमिलिया कोडर में स्थित है थारू संग्रहालय
जिले के पचपेड़वा ब्लॉक के इमिलिया कोडर गांव में थारू संग्रहालय स्थापित है। इस संग्रहालय में थारू जनजाति की सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं संरक्षित हैं। यहां थारू जनजाति के परिधान, वाद्य यंत्र, अस्त्र-शस्त्र, खान-पान के सामान और उनके द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुएं रखी गई हैं। थारू संग्रहालय का भ्रमण करने के लिए देश-विदेश से तमाम लोग आते हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने बताया कि विद्यार्थियों को अपने जिले अथवा आसपास के जिलों में स्थित राजकीय संग्रहालयों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबों में पढ़ाए जाने वाले इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। संग्रहालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थी वहां प्रदर्शित पुरावशेष, प्राचीन मूर्तियां, ऐतिहासिक सिक्के, पुराने चित्र और अन्य ऐतिहासिक साक्ष्यों को नजदीक से देख सकेंगे।
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उन्होंने बताया कि विभाग का मानना है कि संग्रहालयों में मौजूद ऐतिहासिक सामग्री विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ ही उनके ज्ञान को भी समृद्ध करेगी। इससे उन्हें देश और प्रदेश की कला, संस्कृति तथा समृद्ध विरासत को समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय भ्रमण को शैक्षिक गतिविधि के रूप में शामिल करने का निर्णय माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिया है। विभाग के निर्देशानुसार विद्यालयों की शैक्षिक भ्रमण योजना तैयार करते समय इस व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा।
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पचपेड़वा के इमिलिया कोडर में स्थित है थारू संग्रहालय
जिले के पचपेड़वा ब्लॉक के इमिलिया कोडर गांव में थारू संग्रहालय स्थापित है। इस संग्रहालय में थारू जनजाति की सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं संरक्षित हैं। यहां थारू जनजाति के परिधान, वाद्य यंत्र, अस्त्र-शस्त्र, खान-पान के सामान और उनके द्वारा तैयार की गई विभिन्न वस्तुएं रखी गई हैं। थारू संग्रहालय का भ्रमण करने के लिए देश-विदेश से तमाम लोग आते हैं।