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Balrampur News: हृदय रोगियों के लिए वरदान बनी स्टेमी केयर यूनिट
Tue, 29 Sep 2026 10:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 29 Sep 2026 10:46 PM IST
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फोटो-4-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में इलाज करते चिकत्सक ।-संवाद
बलरामपुर। जिले के पांच अस्पतालों में संचालित स्टेमी केयर यूनिट हृदय रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। प्राथमिक स्तर पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से बीते एक साल में करीब दो हजार संभावित हृदय रोगियों को लाभ मिला है। वहीं, जांच में हृदयाघात के गंभीर लक्षण मिलने पर 50 मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार देकर लखनऊ रेफर किया गया। इससे उनकी जान बचाने में मदद मिली।
जिले में हृदय रोगियों को त्वरित और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और दो जिला अस्पतालों में स्टेमी केयर यूनिट संचालित हैं। यहां सीने में दर्द और हार्ट अटैक के लक्षण वाले मरीजों की निशुल्क ईसीजी जांच की जाती है। हृदयाघात के लक्षण मिलने पर मरीज को जीवनरक्षक इंजेक्शन देकर लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया जाता है। स्टेमी केयर सेंटर से रेफर होने वाले मरीजों को लोहिया अस्पताल में प्राथमिकता के आधार पर उपचार की सुविधा मिलती है।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि पांचों सेंटरों में ईसीजी और थ्रांबोलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। इससे हृदयाघात के मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर गोल्डन आवर में उनकी स्थिति स्थिर करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, अत्यधिक पसीना, बेचैनी और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्टेमी केयर सेंटर पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मरीज को एंबुलेंस से लखनऊ भेजा जाता है, ताकि समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सके।
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यहां संचालित हैं स्टेमी केयर यूनिट
जिला मेमोरियल अस्पताल, संयुक्त जिला चिकित्सालय के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर, पचपेड़वा और उतरौला में स्टेमी केयर यूनिट संचालित हैं। इन यूनिटों का संचालन 16 जून 2025 को शुरू हुआ था। तब से करीब दो हजार मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा मिल चुकी है। ईसीजी जांच में हार्ट अटैक के गंभीर लक्षण मिलने पर 50 मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन देकर समय पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। इससे उनकी जान बचाने में मदद मिली।
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जिले में हृदय रोगियों को त्वरित और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और दो जिला अस्पतालों में स्टेमी केयर यूनिट संचालित हैं। यहां सीने में दर्द और हार्ट अटैक के लक्षण वाले मरीजों की निशुल्क ईसीजी जांच की जाती है। हृदयाघात के लक्षण मिलने पर मरीज को जीवनरक्षक इंजेक्शन देकर लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया जाता है। स्टेमी केयर सेंटर से रेफर होने वाले मरीजों को लोहिया अस्पताल में प्राथमिकता के आधार पर उपचार की सुविधा मिलती है।
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सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि पांचों सेंटरों में ईसीजी और थ्रांबोलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। इससे हृदयाघात के मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर गोल्डन आवर में उनकी स्थिति स्थिर करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, अत्यधिक पसीना, बेचैनी और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्टेमी केयर सेंटर पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मरीज को एंबुलेंस से लखनऊ भेजा जाता है, ताकि समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सके।
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यहां संचालित हैं स्टेमी केयर यूनिट
जिला मेमोरियल अस्पताल, संयुक्त जिला चिकित्सालय के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर, पचपेड़वा और उतरौला में स्टेमी केयर यूनिट संचालित हैं। इन यूनिटों का संचालन 16 जून 2025 को शुरू हुआ था। तब से करीब दो हजार मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा मिल चुकी है। ईसीजी जांच में हार्ट अटैक के गंभीर लक्षण मिलने पर 50 मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन देकर समय पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। इससे उनकी जान बचाने में मदद मिली।