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छह अरब की परियोजनाएं बदलेंगी जिले की तस्वीर
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बलरामपुर में लोगों को शुद्घ पेयजल के लिए बनवाई गई पानी की टंकी।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। छह अरब की परियोजनाएं पूरी होने पर बलरामपुर जिले की तस्वीर बदल जाएगी। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि संबंधी मूलभूत सुविधाओं में काफी सुधार होगा। इससे जिले के 21 लाख लोगों के सपनों को पंख लग सकेंगे। पेयजल परियोजनाओं के पूरे होने पर लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगेगा। सड़कों के गड्ढामुक्त होने और नई सड़कों के निर्माण से लोगों को आमद-रफ्त में काफी सहूलियत होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में संसाधनों के बढ़ने से मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी। सभी विभागों में संसाधनों की बढ़ोतरी से जिले के लोगों को सरकारी योजनाओं का मुकम्मल लाभ मिल सकेगा।
2.68 अरब की 73 परियोजनाएं चढ़ रहीं परवान
जिले में दो अरब 68 करोड़ 86 लाख रुपये की 73 परियोजनाओं को परवान चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आठ कार्यदायी संस्थाएं इन्हें पूरा कराने में जुटी हुई हैं। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस उत्तर प्रदेश जल शिक्षा, स्वास्थ्य, 52 आंगनबाड़ी केंद्रों व 56 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 62.70 करोड़ की लागत से 17, उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लिमिटेड 9.11 करोड़ की लागत से तीन, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग 4.19 करोड़ की लागत से छह परियोजनाएं पूरा करा रही हैं। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम 51.50 करोड़ की लागत से चार, उत्तर प्रदेश जलनिगम 65.96 करोड़ की लागत से 26, यूपी सिडको 14.94 करोड़ की लागत से सात, यूपीआरएनएसएस 52.87 करोड़ से सात और यूपीपीसीएल 16.70 करोड़ से छह परियोजनाओं को पूरा कराने में जुटी हुई हैं। कार्यदायी संस्थाओं को 268.86 करोड़ की तुलना में 178. 45 करोड़ रुपये की राशि शासन से मिल चुकी है। नवंबर 2019 तक कार्यदायी संस्थाओं ने प्राप्त बजट में से 165.34 करोड़ रुपये खर्च करके परियोजनाओं को परवान चढ़ाने का काम पूरा कर लिया है। एक्सईएन जलनिगम मनोज कुमार सिंह व डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि बाकी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए 110.41 करोड़ रुपये का डिमांड शासन को भेजा गया है।
बिजली से रोशन हुआ जिला
एक्सईएन पावर कारपोरेशन सुनील कुमार ने बताया कि जिले के नौ ब्लॉकों में गैर विद्युतीकृत 3388 मजरों को रोशन कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 1446 मजरों को रोशन कर दिया गया। दीनदयाल ग्राम ज्योति नई योजना से 260 मजरों को रोशन करने का काम शुरू किया गया। नवंबर 2019 तक 182 मजरों को रोशन कर दिया गया है जबकि बाकी 78 मजरों में वित्तीय वर्ष के अंत तक काम पूूरा कर लिया जाएगा।
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इन दोनों योजनाओं से 33/11 केवीए पचपेड़वा, हरिहरगंज, स्टीम पावर हाउस बलरामपुर, अचलपुर चौधरी, गेड़ास बुजुर्ग, विद्युत उपकेंद्र तुलसीपुर व गैसड़ी में क्षमता वृद्धि का काम चालू वित्त वर्ष में पूरा कर लिया गया है। आईपीडीएस योजना से उतरौला, तुलसीपुर व पचपेड़वा में एक-एक 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य चालू वित्त वर्ष में शुरू किया गया। उतरौला विद्युत उपकेंद्र चालू करा दिया गया है जबकि तुलसीपुर व पचपेड़वा को जनवरी 2020 तक चालू करा दिया जाएगा।
11 केवी के नए पोषकों, पुराने व जर्जर विद्युत तारों को बदलने, 100 केवीए व 250 केवीए की क्षमता वृद्धि और नई एलटी लाइनों का निर्माण कार्य भी चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। ट्रांसरेल, बजाज व केईआई कार्यदायी संस्थाओं ने 1,77,320 की तुलना में 1,16,171 घरों को रोशन कर दिया है। बाकी 84,459 घरों को रोशन करने में कार्यदायी संस्थाएं जुटी हुई हैं।
गरीबों के अपने घर के सपने हो रहे पूरे
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व शहरी और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गरीबों के अपने घर के सपने भी साकार हो रहे हैं। परियोजना अधिकारी डूडा राजेश शर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में 4229 गरीबों के पक्के मकान न होने के सर्वे कराए गए। सर्वे रिपोर्ट की तुलना में 2488 गरीबों का चयन करके जीईओ टेगिंग कराई गई। जीईओ टेगिंग में शामिल 2488 शहरी गरीबों के पक्के मकानों का निर्माण कराने के लिए शासन को 62 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। शासन स्तर से 1516 गरीबों को प्रथम किस्त और 1069 गरीबों को दूसरी किस्त भेज दी गई है।
पीडी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के सभी नौ ब्लॉकों से 1011 लाभार्थियों का चयन किया गया। शासन स्तर से 1213.20 लाख रुपये की तुलना में 1088.77 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में पक्के मकानों का निर्माण कराने के लिए भेजी गई है। एक हजार लाभार्थियों को प्रथम, 928 लाभार्थियों को द्वितीय व 237 लाभार्थियों को तृतीय किस्त दी गई। 237 गरीबों के पक्के मकानों का निर्माण कराकर चाबी भी सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना से भी गरीबों के पक्के मकानों के सपने पूरे हो रहे हैं।
90.38 करोड़ से 75 हजार घरों में बनवाए जा रहे शौचालय
डीपीआरओ नरेश चंद्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में बेस लाइन सर्वे से छूटे 54,830 लाभार्थियों और वर्ष 2018-19 में छूटे 20,489 लाभार्थियों के घरों में शौचालय बनवाने के लिए शासन से 9038.28 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। शासन ने ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में 5244.09 लाख रुपये की राशि मुहैया करा दी है। इसके अतिरिक्त 26 लाख रुपये का प्रस्ताव जिले के सभी 13 थानों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराने के लिए शासन को भेजा गया है। जिले के सभी 2221 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कायाकल्प योजना से रंगाई-पुताई व मरम्मत कार्य कराए गए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्य भी कराए जा रहे हैं।
123.63 करोड़ से सड़कों का हो रहा कायाकल्प
पीडब्ल्यूडी के नोडल/एक्सईएन प्रांतीय खंड मेघ प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 64.50 किलोमीटर की सात सड़कों का 7.42 करोड़ रुपये और 227.18 किलोमीटर लंबाई की 88 सड़कों का 116.21 करोड़ से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सात सड़कों के लिए 6.89 करोड़ और 88 सड़कों के लिए 37.97 करोड़ की धनराशि शासन से मिल चुकी है। वित्तीय वर्ष के अंत तक शासन से बजट मिलने के बाद बाकी सड़कों का कायाकल्प कराया जाएगा।
21 करोड़ से 261 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा निर्माण
डीपीओ केएम पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले की सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं में 21,03,66 हजार रुपये की लागत से 243 आंगनबाड़ी व 18 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 8.06 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ने से नौनिहालों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं का आसानी से लाभ मिल सकेगा।
परियोजनाएं पूरी होने से जिले के लोगों को मिलेगा लाभ
विभागों की तरफ से विकास कार्यों के लिए जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है उनके पूरा होने से जिले के 21 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए शासन से कई बार बजट की डिमांड की गई है। शासन स्तर से बजट मिलने के बाद सभी परियोजनाओं को समय से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। -कृष्णा करुणेश, डीएम
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2.68 अरब की 73 परियोजनाएं चढ़ रहीं परवान
जिले में दो अरब 68 करोड़ 86 लाख रुपये की 73 परियोजनाओं को परवान चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आठ कार्यदायी संस्थाएं इन्हें पूरा कराने में जुटी हुई हैं। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस उत्तर प्रदेश जल शिक्षा, स्वास्थ्य, 52 आंगनबाड़ी केंद्रों व 56 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 62.70 करोड़ की लागत से 17, उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लिमिटेड 9.11 करोड़ की लागत से तीन, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग 4.19 करोड़ की लागत से छह परियोजनाएं पूरा करा रही हैं। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम 51.50 करोड़ की लागत से चार, उत्तर प्रदेश जलनिगम 65.96 करोड़ की लागत से 26, यूपी सिडको 14.94 करोड़ की लागत से सात, यूपीआरएनएसएस 52.87 करोड़ से सात और यूपीपीसीएल 16.70 करोड़ से छह परियोजनाओं को पूरा कराने में जुटी हुई हैं। कार्यदायी संस्थाओं को 268.86 करोड़ की तुलना में 178. 45 करोड़ रुपये की राशि शासन से मिल चुकी है। नवंबर 2019 तक कार्यदायी संस्थाओं ने प्राप्त बजट में से 165.34 करोड़ रुपये खर्च करके परियोजनाओं को परवान चढ़ाने का काम पूरा कर लिया है। एक्सईएन जलनिगम मनोज कुमार सिंह व डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि बाकी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए 110.41 करोड़ रुपये का डिमांड शासन को भेजा गया है।
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बिजली से रोशन हुआ जिला
एक्सईएन पावर कारपोरेशन सुनील कुमार ने बताया कि जिले के नौ ब्लॉकों में गैर विद्युतीकृत 3388 मजरों को रोशन कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 1446 मजरों को रोशन कर दिया गया। दीनदयाल ग्राम ज्योति नई योजना से 260 मजरों को रोशन करने का काम शुरू किया गया। नवंबर 2019 तक 182 मजरों को रोशन कर दिया गया है जबकि बाकी 78 मजरों में वित्तीय वर्ष के अंत तक काम पूूरा कर लिया जाएगा।
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इन दोनों योजनाओं से 33/11 केवीए पचपेड़वा, हरिहरगंज, स्टीम पावर हाउस बलरामपुर, अचलपुर चौधरी, गेड़ास बुजुर्ग, विद्युत उपकेंद्र तुलसीपुर व गैसड़ी में क्षमता वृद्धि का काम चालू वित्त वर्ष में पूरा कर लिया गया है। आईपीडीएस योजना से उतरौला, तुलसीपुर व पचपेड़वा में एक-एक 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य चालू वित्त वर्ष में शुरू किया गया। उतरौला विद्युत उपकेंद्र चालू करा दिया गया है जबकि तुलसीपुर व पचपेड़वा को जनवरी 2020 तक चालू करा दिया जाएगा।
11 केवी के नए पोषकों, पुराने व जर्जर विद्युत तारों को बदलने, 100 केवीए व 250 केवीए की क्षमता वृद्धि और नई एलटी लाइनों का निर्माण कार्य भी चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। ट्रांसरेल, बजाज व केईआई कार्यदायी संस्थाओं ने 1,77,320 की तुलना में 1,16,171 घरों को रोशन कर दिया है। बाकी 84,459 घरों को रोशन करने में कार्यदायी संस्थाएं जुटी हुई हैं।
गरीबों के अपने घर के सपने हो रहे पूरे
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व शहरी और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गरीबों के अपने घर के सपने भी साकार हो रहे हैं। परियोजना अधिकारी डूडा राजेश शर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में 4229 गरीबों के पक्के मकान न होने के सर्वे कराए गए। सर्वे रिपोर्ट की तुलना में 2488 गरीबों का चयन करके जीईओ टेगिंग कराई गई। जीईओ टेगिंग में शामिल 2488 शहरी गरीबों के पक्के मकानों का निर्माण कराने के लिए शासन को 62 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। शासन स्तर से 1516 गरीबों को प्रथम किस्त और 1069 गरीबों को दूसरी किस्त भेज दी गई है।
पीडी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के सभी नौ ब्लॉकों से 1011 लाभार्थियों का चयन किया गया। शासन स्तर से 1213.20 लाख रुपये की तुलना में 1088.77 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में पक्के मकानों का निर्माण कराने के लिए भेजी गई है। एक हजार लाभार्थियों को प्रथम, 928 लाभार्थियों को द्वितीय व 237 लाभार्थियों को तृतीय किस्त दी गई। 237 गरीबों के पक्के मकानों का निर्माण कराकर चाबी भी सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना से भी गरीबों के पक्के मकानों के सपने पूरे हो रहे हैं।
90.38 करोड़ से 75 हजार घरों में बनवाए जा रहे शौचालय
डीपीआरओ नरेश चंद्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में बेस लाइन सर्वे से छूटे 54,830 लाभार्थियों और वर्ष 2018-19 में छूटे 20,489 लाभार्थियों के घरों में शौचालय बनवाने के लिए शासन से 9038.28 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। शासन ने ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में 5244.09 लाख रुपये की राशि मुहैया करा दी है। इसके अतिरिक्त 26 लाख रुपये का प्रस्ताव जिले के सभी 13 थानों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराने के लिए शासन को भेजा गया है। जिले के सभी 2221 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कायाकल्प योजना से रंगाई-पुताई व मरम्मत कार्य कराए गए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्य भी कराए जा रहे हैं।
123.63 करोड़ से सड़कों का हो रहा कायाकल्प
पीडब्ल्यूडी के नोडल/एक्सईएन प्रांतीय खंड मेघ प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 64.50 किलोमीटर की सात सड़कों का 7.42 करोड़ रुपये और 227.18 किलोमीटर लंबाई की 88 सड़कों का 116.21 करोड़ से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सात सड़कों के लिए 6.89 करोड़ और 88 सड़कों के लिए 37.97 करोड़ की धनराशि शासन से मिल चुकी है। वित्तीय वर्ष के अंत तक शासन से बजट मिलने के बाद बाकी सड़कों का कायाकल्प कराया जाएगा।
21 करोड़ से 261 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा निर्माण
डीपीओ केएम पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले की सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं में 21,03,66 हजार रुपये की लागत से 243 आंगनबाड़ी व 18 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 8.06 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ने से नौनिहालों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं का आसानी से लाभ मिल सकेगा।
परियोजनाएं पूरी होने से जिले के लोगों को मिलेगा लाभ
विभागों की तरफ से विकास कार्यों के लिए जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है उनके पूरा होने से जिले के 21 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए शासन से कई बार बजट की डिमांड की गई है। शासन स्तर से बजट मिलने के बाद सभी परियोजनाओं को समय से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। -कृष्णा करुणेश, डीएम