{"_id":"69c2d2673791e481d005bc8a","slug":"sangeeta-was-the-youngest-of-three-daughters-balrampur-news-c-99-1-slko1029-145089-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: तीन बेटियों में सबसे छोटी थी संगीता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: तीन बेटियों में सबसे छोटी थी संगीता
Tue, 24 Mar 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
फोटो 42,43- बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मौजूद मृतक बच्ची के परिजन। संवाद
हरैया सतघरवा। मिनौहनी गांव में तेंदुए के हमले में 25 दिन की संगीता की मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं। तीन बेटियों में सबसे छोटी संगीता के चले जाने से घर का माहौल पूरी तरह बदल गया है। बड़ी बहन सुनीता (5) और अनीता (2) घर में फैले मातम को समझ नहीं पा रहीं, जबकि मां-बाप गहरे सदमे में हैं।
परिजनों के मुताबिक संगीता के जन्म के बाद दोनों बड़ी बहनें उसे देखने और पास बैठने को लेकर उत्साहित रहती थीं। मां संजू जब उसे गोद में लेती थी तो अनीता पास खड़ी होकर देखती रहती, वहीं सुनीता छोटी बहन को दुलारने की कोशिश करती थी। अब दोनों बहनें बार-बार पूछ रही हैं कि छोटी बहन कहां चली गई। इस सवाल पर परिजनों की आंखें भर आ रही हैं। जिला मेमोरियल अस्पताल में मां संजू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कह रही है कि अभी ठीक से बेटी को गोद में भी नहीं खिला पाई थी। पिता नंदलाल चुपचाप बैठे रहते हैं। घर की महिलाएं उन्हें संभालने में लगी हैं, लेकिन छोटी बच्ची का जिक्र होते ही माहौल फिर गमगीन हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर करता है। तीन बेटियों के साथ घर में खुशियां थीं और नवजात के आने से घर में रौनक बढ़ गई थी। लेकिन अचानक हुई घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। अब आंगन में जहां तीनों बहनों के खेलने की कल्पना थी, वहां सन्नाटा पसरा है। घटना के बाद गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सहायता दिलाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। अस्पताल में पहुंचे वन विभाग के अधिकारी परिवार को सांत्वना दे रहे थे। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि वन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवार को आपदा राहत सहायता देने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
परिजनों के मुताबिक संगीता के जन्म के बाद दोनों बड़ी बहनें उसे देखने और पास बैठने को लेकर उत्साहित रहती थीं। मां संजू जब उसे गोद में लेती थी तो अनीता पास खड़ी होकर देखती रहती, वहीं सुनीता छोटी बहन को दुलारने की कोशिश करती थी। अब दोनों बहनें बार-बार पूछ रही हैं कि छोटी बहन कहां चली गई। इस सवाल पर परिजनों की आंखें भर आ रही हैं। जिला मेमोरियल अस्पताल में मां संजू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कह रही है कि अभी ठीक से बेटी को गोद में भी नहीं खिला पाई थी। पिता नंदलाल चुपचाप बैठे रहते हैं। घर की महिलाएं उन्हें संभालने में लगी हैं, लेकिन छोटी बच्ची का जिक्र होते ही माहौल फिर गमगीन हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर करता है। तीन बेटियों के साथ घर में खुशियां थीं और नवजात के आने से घर में रौनक बढ़ गई थी। लेकिन अचानक हुई घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। अब आंगन में जहां तीनों बहनों के खेलने की कल्पना थी, वहां सन्नाटा पसरा है। घटना के बाद गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सहायता दिलाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। अस्पताल में पहुंचे वन विभाग के अधिकारी परिवार को सांत्वना दे रहे थे। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि वन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवार को आपदा राहत सहायता देने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन