{"_id":"60e86fcc8ebc3ec76f33e382","slug":"sambhav-campaign-will-make-23-thousand-innocent-healthy-balrampur-news-lko586181356","type":"story","status":"publish","title_hn":"संभव अभियान से 23,500 मासूम बनेंगे सेहतमंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संभव अभियान से 23,500 मासूम बनेंगे सेहतमंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। संभव अभियान से जीरो से पांच साल तक चिन्ह्ति जिले के 23,500 मासूमों को सेहतमंद बनाया जाएगा। जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों से मासूमों का ब्यौरा जुटाया गया है।
सैम, मैम, कुपोषित व अतिकुपोषित मासूमों को बेसलाइन सर्वे में शामिल किया गय है। दो अक्तूबर तक चलने वाले विशेष अभियान पोषण संवर्धन की ओर एक कदम के तहत मासूमों में शारीरिक क्षमता का विकास किया जाएगा। पौष्टिक भोजन करने की सलाह के साथ कमजोर बच्चों का पोषण पुनर्वास केंद्र में मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
जिले के सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं से जुड़े 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने 17 से 24 जून तक जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर सैम, मैम, कुपोषण व अतिकुपोषण की पहचान कर ब्यौरा जुटाया।
विज्ञापन
वजन अभियान के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से 1500 सैम, 3000 मैम, 130000 कुपोषित व 6000 अतिकुपोषित बच्चों की बेसलाइन रिपोर्ट तैयार की गई। बेसलाइन सर्वे को आधार मानकर एक जलाई से दो अक्तूबर तक संभव अर्थात पोषण संवर्धन की ओर एक कदम के तहत विशेष अभियान शुरु किया गया है। अभियान में पूर्व में वजन किए गए बच्चों में सुधार के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय उपचार कराने का जिम्मा सौंपा गया है।
तीन माह के संभव अभियान में जीरो से पांच साल तक के सैम, मैम, कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के सेहत में सुधार लाने का मुख्य उद्देश्य है। सितबर माह में 20 से 25 तारीख के मध्य पुन: वजन सप्ताह का आयोजन कर बच्चों के स्वास्थ्य का निर्धारण किया जाएगा।
एक से 10 जुलाई तक प्रथम त्रैमास की गर्भवती महिलाओं के वजन की जांच करके पोषण स्तर का आंकलन किया गया है। 12 से 17 जुलाई तक द्वितीय त्रैमास की गर्भवती महिलाओं को आयरन, कैलिश्यम का सेवन, वजन, स्वास्थ्य जांच व पैष्टिक आहार के लिए जागरुक किया जाएगा।
19 से 24 जुलाई तक तृतीय त्रैमास की गर्भवती महिलाओं को प्रसव की तैयारी व शीघ्र स्तनपान का परामर्श और 26 से 31 जुलाई तक नवजातों का वजन लिया जाएगा। दो से सात अगस्त तक जीरो से छह माह तक के बच्चों का वजन लिया जाएगा। नौ से 14 अगस्त तक पांच से आठ माह तक के बच्चों को ऊपरी आहार देने के साथ वजन लिया जाएगा।
16 से 21 अगस्त तक 9 से 11 माह तक के बच्चों और 23 स 28 अगस्त तक एक से दो वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया जाएगा। एक से चार सितंबर तक पोषण वटिका, छह से 11 सितंबर तक स्वच्छता, 13 से 18 सितंबर तक बीमार बच्चों की देखभाल, टीकाकरण व दस्त नियंत्रण और 27 सितंबर से एक अक्तूबर तक किशोरियों में एनीमिया से बचाव के संबंध में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। दो अक्तूबर को पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
सैम, मैम, कुपोषित व अतिकुपोषित मासूमों को बेसलाइन सर्वे में शामिल किया गय है। दो अक्तूबर तक चलने वाले विशेष अभियान पोषण संवर्धन की ओर एक कदम के तहत मासूमों में शारीरिक क्षमता का विकास किया जाएगा। पौष्टिक भोजन करने की सलाह के साथ कमजोर बच्चों का पोषण पुनर्वास केंद्र में मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
विज्ञापन
जिले के सभी 10 बाल विकास परियोजनाओं से जुड़े 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने 17 से 24 जून तक जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर सैम, मैम, कुपोषण व अतिकुपोषण की पहचान कर ब्यौरा जुटाया।
विज्ञापन
वजन अभियान के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से 1500 सैम, 3000 मैम, 130000 कुपोषित व 6000 अतिकुपोषित बच्चों की बेसलाइन रिपोर्ट तैयार की गई। बेसलाइन सर्वे को आधार मानकर एक जलाई से दो अक्तूबर तक संभव अर्थात पोषण संवर्धन की ओर एक कदम के तहत विशेष अभियान शुरु किया गया है। अभियान में पूर्व में वजन किए गए बच्चों में सुधार के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय उपचार कराने का जिम्मा सौंपा गया है।
तीन माह के संभव अभियान में जीरो से पांच साल तक के सैम, मैम, कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के सेहत में सुधार लाने का मुख्य उद्देश्य है। सितबर माह में 20 से 25 तारीख के मध्य पुन: वजन सप्ताह का आयोजन कर बच्चों के स्वास्थ्य का निर्धारण किया जाएगा।
एक से 10 जुलाई तक प्रथम त्रैमास की गर्भवती महिलाओं के वजन की जांच करके पोषण स्तर का आंकलन किया गया है। 12 से 17 जुलाई तक द्वितीय त्रैमास की गर्भवती महिलाओं को आयरन, कैलिश्यम का सेवन, वजन, स्वास्थ्य जांच व पैष्टिक आहार के लिए जागरुक किया जाएगा।
19 से 24 जुलाई तक तृतीय त्रैमास की गर्भवती महिलाओं को प्रसव की तैयारी व शीघ्र स्तनपान का परामर्श और 26 से 31 जुलाई तक नवजातों का वजन लिया जाएगा। दो से सात अगस्त तक जीरो से छह माह तक के बच्चों का वजन लिया जाएगा। नौ से 14 अगस्त तक पांच से आठ माह तक के बच्चों को ऊपरी आहार देने के साथ वजन लिया जाएगा।
16 से 21 अगस्त तक 9 से 11 माह तक के बच्चों और 23 स 28 अगस्त तक एक से दो वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया जाएगा। एक से चार सितंबर तक पोषण वटिका, छह से 11 सितंबर तक स्वच्छता, 13 से 18 सितंबर तक बीमार बच्चों की देखभाल, टीकाकरण व दस्त नियंत्रण और 27 सितंबर से एक अक्तूबर तक किशोरियों में एनीमिया से बचाव के संबंध में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। दो अक्तूबर को पुरस्कार वितरण किया जाएगा।