{"_id":"69d7dddab52068492903ef58","slug":"salary-of-24-secretaries-withheld-for-negligence-balrampur-news-c-99-1-slko1029-146009-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: लापरवाही पर 24 सचिवों का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: लापरवाही पर 24 सचिवों का वेतन रोका
Thu, 09 Apr 2026 10:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 10:41 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। पंचायतों को 21.42 करोड़ रुपये का बजट विकास के लिए मिला था। समय पर खर्च होने की बात ताे दूर पूर्व के बजट के खर्च का ब्यौरा तक सचिवों ने दर्ज नहीं किया। उन्हें 31 मार्च तक स्वराज पोर्टल पर डाटा दर्ज करना था। इस पर प्रशासन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। 24 सचिवों का वेतन रोका गया है। सभी से जवाब भी मांगा गया है। उनकी जांच भी शुरू करा दी गई है।
जिले की 793 ग्राम पंचायतों को 21.42 करोड़ रुपये आवंटित वित्तीय वर्ष समाप्ति के दौरान जारी हुए थे। यह बजट ऐसे समय आया है जब कई पंचायतों में सड़क, नाली, खड़ंजा, पंचायत भवन, पेयजल और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य धन के अभाव में अधूरे पड़े थे। इन कार्यों को पूरा कराकर डाटा अपलोड किया जाना था।
इसके साथ ही पंचायतों में संपर्क मार्ग, इंटरलॉकिंग सड़क, सीसी रोड, नाली निर्माण, जलनिकासी व्यवस्था, हैंडपंप रीबोर, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन मरम्मत और तालाब सुंदरीकरण जैसे कार्य तेजी से पूरे होने थे। गांवों में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए भी प्रस्ताव स्वीकृत थे। मई माह में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होना है।
विज्ञापन
ऐसे में बजट का उपयोग समय पर न होने से उपभोग प्रमाण पत्र तैयार करने में भी दिक्कत आने की संभावना है। विभागीय समीक्षा में बजट खर्च करने में ढिलाई सामने आने पर 24 पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवंटित धनराशि का समय से और मानक के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासन से प्राप्त बजट पारदर्शिता के साथ पंचायतों को दिया गया है। अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्य तेजी से पूरे कराए जाएंगे। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
जिले की 793 ग्राम पंचायतों को 21.42 करोड़ रुपये आवंटित वित्तीय वर्ष समाप्ति के दौरान जारी हुए थे। यह बजट ऐसे समय आया है जब कई पंचायतों में सड़क, नाली, खड़ंजा, पंचायत भवन, पेयजल और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य धन के अभाव में अधूरे पड़े थे। इन कार्यों को पूरा कराकर डाटा अपलोड किया जाना था।
विज्ञापन
इसके साथ ही पंचायतों में संपर्क मार्ग, इंटरलॉकिंग सड़क, सीसी रोड, नाली निर्माण, जलनिकासी व्यवस्था, हैंडपंप रीबोर, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन मरम्मत और तालाब सुंदरीकरण जैसे कार्य तेजी से पूरे होने थे। गांवों में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए भी प्रस्ताव स्वीकृत थे। मई माह में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होना है।
विज्ञापन
ऐसे में बजट का उपयोग समय पर न होने से उपभोग प्रमाण पत्र तैयार करने में भी दिक्कत आने की संभावना है। विभागीय समीक्षा में बजट खर्च करने में ढिलाई सामने आने पर 24 पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवंटित धनराशि का समय से और मानक के अनुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासन से प्राप्त बजट पारदर्शिता के साथ पंचायतों को दिया गया है। अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्य तेजी से पूरे कराए जाएंगे। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।